नागौर में 10 टन विस्फोटक बरामदगी: NIA-IB की टीमें पहुंचीं, आरोपी सुलेमान खान की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

राजस्थान के नागौर जिले में गणतंत्र दिवस से ठीक पहले हरसौर गांव के एक खेत और फार्म हाउस से करीब 9,550 किलोग्राम (लगभग 10 टन) अमोनियम नाइट्रेट सहित डेटोनेटर और फ्यूज वायर बरामद किए गए। आरोपी सुलेमान खान (58) को गिरफ्तार किया गया, जो पहले लीगल विस्फोटक मैगजीन संचालक था लेकिन अब अवैध बारूद सप्लायर बन चुका था। NIA और IB की टीमें जांच में जुटीं, बड़े नेटवर्क और संभावित साजिश की आशंका जताई जा रही है। पूछताछ से पहले आरोपी का बीपी बढ़ने पर उसे अजमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।

Jan 27, 2026 - 12:06
नागौर में 10 टन विस्फोटक बरामदगी: NIA-IB की टीमें पहुंचीं, आरोपी सुलेमान खान की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

राजस्थान के नागौर जिले में गणतंत्र दिवस से ठीक पहले बड़ी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। करीब 9,550 किलोग्राम (लगभग 10 टन) अमोनियम नाइट्रेट सहित अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त होने के बाद गृह मंत्रालय अलर्ट हो गया। सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीमें नागौर पहुंचीं और जांच की कमान संभाल ली।

घटना का विवरण और बरामदगी

शनिवार को थांवला थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने गोपनीय सूचना के आधार पर हरसौर गांव के एक खेत और फार्म हाउस पर छापेमारी की। यहां से 187 कट्टों (बोरियों) में भरा 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ। इसके अलावा 9 कार्टन डेटोनेटर, 12 कार्टन और 15 बंडल नीली फ्यूज वायर, 12 कार्टन और 5 बंडल लाल फ्यूज वायर तथा अन्य विस्फोटक उपकरण जब्त किए गए।अमोनियम नाइट्रेट एक खतरनाक रसायन है, जो अकेले विस्फोटक नहीं होता, लेकिन ईंधन या आग के संपर्क में आने पर तेज धमाका कर सकता है। इसकी विस्फोटक क्षमता कई बड़े आतंकी हमलों में देखी जा चुकी है। पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

आरोपी सुलेमान खान का बैकग्राउंड

आरोपी सुलेमान खान (58 वर्ष) पुत्र करीम खान, हरसौर गांव का निवासी है। पहले वह लीगल विस्फोटक मैगजीन (बारूद भंडार) संचालित करता था और बारूद बनाने, स्टोर करने तथा सप्लाई करने की पूरी तकनीकी जानकारी रखता था। लाइसेंस समाप्त होने या अन्य कारणों से काम बंद होने के बाद उसने अवैध रूप से बारूद बनाना और बेचना शुरू कर दिया।पुलिस के अनुसार, सुलेमान का मुख्य अड्डा भैरुंदा और हरसौर के बीच जंगली क्षेत्र में था। वह रात के अंधेरे में खनन माफियाओं (कानूनी या अवैध) को विस्फोटक सामग्री सप्लाई करता था। उसके खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज हैं—2014 में थांवला थाने में, 2020 में पादूकलां थाने में और 2020 में अलवर के चौपासनी थाने में—सभी विस्फोटक अधिनियम से संबंधित।

NIA-IB जांच और आरोपी की तबीयत

बरामदगी की सूचना मिलते ही गृह मंत्रालय अलर्ट हुआ। NIA और IB की टीमें सोमवार को नागौर पहुंचीं। उन्होंने हरसौर गांव के घटना स्थल का जायजा लिया, फार्म हाउस में बारीकी से जांच की और सबूत जुटाए। जांच एजेंसियों को बड़े नेटवर्क और संभावित साजिश की आशंका है।पूछताछ के दौरान आरोपी सुलेमान खान की तबीयत अचानक बिगड़ गई। थांवला थानाधिकारी अशोक कुमार झाझड़िया के अनुसार, उसका ब्लड प्रेशर (BP) बहुत बढ़ गया था। पहले थांवला अस्पताल में दिखाया गया, जहां से उसे अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज जारी है। सीआईडी की टीम भी अस्पताल पहुंच गई।

जांच के एंगल और सुरक्षा चिंताएं

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विस्फोटक मुख्य रूप से अवैध खनन कार्यों के लिए सप्लाई किए जाते थे, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा को देखते हुए आतंकी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। कुछ रिपोर्टों में दिल्ली के हालिया विस्फोटों से संभावित कनेक्शन की बात भी उठी है, हालांकि पुलिस इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही।नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच चल रही है, जिसमें सप्लाई चेन, स्रोत और संभावित प्राप्तकर्ताओं की पड़ताल शामिल है। NIA-IB की मौजूदगी से जांच और तेज हो गई है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.