बूंदी में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया VDO, बिल पास कराने के नाम पर चल रहा था ‘कमीशन’ का खेल

राजस्थान के बूंदी जिले में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह कुमावत को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत हुए विकास कार्यों के बिल पास कराने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी।

May 7, 2026 - 17:16
बूंदी में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया VDO, बिल पास कराने के नाम पर चल रहा था ‘कमीशन’ का खेल

Rajasthan: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बूंदी जिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कोटा एसीबी की स्पेशल यूनिट ने मंगलवार को केशोरायपाटन पंचायत समिति की सखावदा ग्राम पंचायत में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (VDO) सतवीर सिंह कुमावत को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पंचायत समिति और स्थानीय प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। अचानक हुई एसीबी की रेड से सरकारी कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

विकास कार्यों के बिल पास कराने के बदले मांगी रिश्वत

जानकारी के अनुसार मामला स्वच्छ भारत अभियान के तहत करवाए गए विकास कार्यों के भुगतान से जुड़ा हुआ है। परिवादी ने गांव में सफाई व्यवस्था और नाली निर्माण जैसे कई काम पूरे किए थे। इन कार्यों के एवज में करीब डेढ़ लाख रुपये के बिल लंबित थे। आरोप है कि कार्य पूरे होने और प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद ग्राम विकास अधिकारी भुगतान जारी करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता का कहना था कि अधिकारी पुराने बिलों के भुगतान के साथ-साथ भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं के काम बिना रुकावट चलने देने के बदले भी पैसे मांग रहा था।

शिकायत के बाद ACB ने शुरू की जांच

पीड़ित ने 5 मई 2026 को कोटा एसीबी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन करवाया। जांच में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया। तय योजना के अनुसार जैसे ही परिवादी ने 25 हजार रुपये की रिश्वत आरोपी अधिकारी को दी, एसीबी टीम ने तुरंत उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

पंचायत समिति परिसर में मची अफरा-तफरी

ACB की अचानक हुई कार्रवाई से पंचायत समिति परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर अचानक क्या हुआ। कुछ ही देर में खबर पूरे इलाके में फैल गई और लोग पंचायत समिति के बाहर जुटने लगे। सूत्रों के अनुसार आरोपी अधिकारी की कार्यशैली को लेकर पहले भी कई तरह की चर्चाएं होती रही थीं, लेकिन कोई औपचारिक शिकायत सामने नहीं आई थी। इस बार शिकायतकर्ता की सजगता और एसीबी की सक्रियता के चलते कार्रवाई संभव हो सकी।

आरोपी के ठिकानों पर भी जांच जारी

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी अधिकारी के अन्य ठिकानों की भी जांच की जा रही है। एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं आरोपी ने भ्रष्टाचार के जरिए अन्य संपत्तियां तो नहीं बनाई हैं। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

भ्रष्टाचार पर सरकार की सख्ती

राजस्थान में हाल के महीनों में ACB लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई कर रही है। सरकार की ओर से “जीरो टॉलरेंस” नीति की बात कही जा रही है और इसी के तहत रिश्वतखोरी में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है। बूंदी की यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिसने एक बार फिर सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है।

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