‘ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ… ये सिर्फ शुरुआत है’, ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पाकिस्तान को सख्त चेतावनी

जयपुर में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर सेना के शीर्ष अधिकारियों ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। DGMO राजीव घई ने साफ कहा कि ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है और भारत अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाता रहेगा।

May 7, 2026 - 17:33
‘ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ… ये सिर्फ शुरुआत है’, ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पाकिस्तान को सख्त चेतावनी

राजधानी जयपुर में गुरुवार को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर देश की सैन्य ताकत और रणनीतिक तैयारी का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। जयपुर मिलिट्री स्टेशन स्थित सप्तशक्ति कमांड में दो दिवसीय जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हुई, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान समेत थल सेना, वायु सेना और नौसेना के शीर्ष कमांडर शामिल हुए। इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को बेहद स्पष्ट शब्दों में सामने रखा। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है… यह सिर्फ शुरुआत है। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।” उनके इस बयान को देश की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

राजनाथ सिंह जारी करेंगे विशेष फिल्म

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शाम 5 बजे इस ऑपरेशन पर आधारित एक विशेष फिल्म भी जारी करेंगे। बताया जा रहा है कि फिल्म में ऑपरेशन की रणनीति, सैन्य समन्वय और भारत की सुरक्षा नीति से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को दिखाया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर जयपुर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और सेना के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और अहम बना दिया है।

“हम अपने लोगों को वापस नहीं ला सकते, लेकिन…”

प्रेस वार्ता के दौरान एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने भी ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में जिन लोगों की जान गई, उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन यह जरूर सुनिश्चित किया जा सकता है कि भविष्य में ऐसा हमला दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन का उद्देश्य पूरी तरह स्पष्ट था और सेनाओं को पूरी ऑपरेशनल फ्रीडम दी गई थी। थल सेना, वायु सेना और नौसेना ने मिलकर हर रणनीतिक विकल्प पर विचार किया और बेहद संतुलित तरीके से फैसले लिए। एयर मार्शल ने साफ कहा कि जब भारत कार्रवाई करता है, तो उसमें किसी भी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं रहती।

“अब 65 प्रतिशत हथियार देश में बन रहे”

डीजीएमओ राजीव घई ने प्रेस वार्ता के दौरान आत्मनिर्भर भारत अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब भारतीय सेना जिन हथियारों का उपयोग कर रही है, उनमें से करीब 65 प्रतिशत हथियार देश में ही बनाए जा रहे हैं। उन्होंने इस दौरान प्रसिद्ध कवि दुष्यंत कुमार की पंक्तियां भी सुनाईं, जिससे कार्यक्रम का माहौल भावनात्मक और जोशीला हो गया।

आधुनिक युद्ध पर मंथन

सप्तशक्ति कमांड में शुरू हुई दो दिवसीय जॉइंट कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय “नए युग में सैन्य क्षमता” रखा गया है। सम्मेलन में आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप और नई तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर वॉरफेयर, स्पेस सिक्योरिटी, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और कॉग्निटिव वॉरफेयर जैसे विषयों पर मंथन होगा। साथ ही भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय सेना की क्षमता बढ़ाने का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।

जयपुर बना रणनीतिक चर्चाओं का केंद्र

देश की तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी ने जयपुर को फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य रणनीति के बड़े केंद्र में बदल दिया है। ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ के मौके पर दिया गया संदेश यह साफ संकेत देता है कि भारत आने वाले समय में आतंकवाद और सुरक्षा चुनौतियों के खिलाफ और अधिक आक्रामक रणनीति अपनाने की तैयारी में है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।