उदयपुर में चोरों की बड़ी भूल! असली अमेरिकी डॉलर को नकली समझ औने-पौने दाम में बेचा, फिर ऐसे खुल गया राज
उदयपुर में चोरी की एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई, जहां चोरों ने एनआरआई परिवार के घर से चुराए गए असली अमेरिकी डॉलर को नकली समझ लिया और उन्हें बेहद कम कीमत में बेच दिया। बाद में जब डॉलर की सच्चाई सामने आई तो पूरा मामला पुलिस तक पहुंच गया।
राजस्थान के उदयपुर शहर से चोरी की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरान कर दिया। इस मामले में चोरों ने सिर्फ चोरी ही नहीं की, बल्कि चोरी के बाद ऐसी गलती कर बैठे जिसने उन्हें सीधे पुलिस के शिकंजे तक पहुंचा दिया। मामला इतना अजीब था कि खुद पुलिस अधिकारी भी यह सुनकर चौंक गए कि आरोपी असली अमेरिकी डॉलर को नकली नोट समझ बैठे थे।
यह पूरी घटना उदयपुर के बनोफाक इलाके की बताई जा रही है। यहां रहने वाला एक एनआरआई परिवार किसी जरूरी काम से घर से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान बदमाशों ने सुनसान मकान को निशाना बनाया। चोरों ने घर का ताला तोड़ा और अंदर घुसकर अलमारी में रखे करीब 3 हजार अमेरिकी डॉलर, चांदी के बर्तन और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया।
हालांकि चोरी के बाद कहानी में ऐसा मोड़ आया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। आरोपियों को घर से मिले अमेरिकी डॉलर असली नहीं लगे। उन्हें लगा कि ये सिर्फ दिखावे के नकली नोट हैं। इसी गलतफहमी में उन्होंने डॉलर को बेहद कम कीमत पर बेच दिया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने करीब 60 प्रतिशत कीमत पर ही डॉलर दूसरे व्यक्ति को सौंप दिए।
लेकिन जब डॉलर खरीदने वाले व्यक्ति ने उन्हें किसी जानकार को दिखाया, तब पूरी सच्चाई सामने आ गई। जांच में पता चला कि वे डॉलर पूरी तरह असली थे और उनकी कीमत काफी ज्यादा थी। इसके बाद मामला धीरे-धीरे खुलता चला गया और सूचना पुलिस तक पहुंच गई।
उदयपुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी मनोजलाल अली और डॉलर खरीदने वाले विकास अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए अमेरिकी डॉलर और चांदी के बर्तन भी बरामद कर लिए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि इस वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अल्ताफ फिलहाल आर्म्स एक्ट के एक मामले में पहले से जेल में बंद है। अब पुलिस उसे इस चोरी के मामले में भी प्रोडक्शन वारंट के जरिए गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है।
इस मामले की सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आरोपियों ने घर में रखी चांदी की प्लेटों को भी सामान्य स्टील के बर्तन समझ लिया था। बाद में जब उन्हें उनकी असली कीमत का अंदाजा हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को विदेशी मुद्रा और कीमती सामान की सही पहचान नहीं थी, जिसकी वजह से उन्होंने यह बड़ी गलती कर दी।
फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों को शक है कि यह गिरोह पहले भी शहर और आसपास के इलाकों में कई चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि अन्य मामलों का भी खुलासा किया जा सके।
उदयपुर की यह वारदात अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि शायद ही कभी ऐसा देखने को मिलता है कि चोर खुद अपनी सबसे बड़ी गलती की वजह से पुलिस के हत्थे चढ़ जाएं।