बंगलादेशी युवक राजस्थान की नाबालिग बच्ची को ले भागा, बिना वीजा रह रहा था दो साल से
में नाबालिग बालिका के अपहरण मामले में पुलिस ने जब आरोपी को पकड़ा तो उसकी असली पहचान सामने आते ही सनसनी फैल गई। टूरिस्ट वीजा पर भारत आए युवक ने नाम बदलकर फर्जी दस्तावेज तक बनवा लिए थे।
राजस्थान के झालावाड़ जिले की झालरापाटन थाना पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी युवक नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बालिका को उत्तरप्रदेश के प्रयागराज रेलवे स्टेशन से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।
झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान स्वपनो विश्वास के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बांग्लादेश का रहने वाला है। आरोपी वर्ष 2024 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से भारत में रह रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी असली पहचान छुपाने के लिए नाम और दस्तावेजों में बदलाव किया था। आरोपी किसी परिचित के माध्यम से झालावाड़ पहुंचा और यहां फर्जी तरीके से अपनी पहचान स्थापित करने का प्रयास करने लगा।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपी ने आधार कार्ड अपडेट कराते समय अपनी बांग्लादेशी पहचान छुपाते हुए झालावाड़ जिले के सलोतिया गांव का पता दर्ज करवाया। इतना ही नहीं, आरोपी ने निर्वाचन कार्ड भी बनवा लिया था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वाले लोगों की भी जांच कर रही है।
घटना के बाद नाबालिग की तलाश के लिए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने बालिका की सुरक्षित बरामदगी के लिए 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।
जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आरोपी की लोकेशन उत्तरप्रदेश में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने प्रयागराज रेलवे स्टेशन पहुंचकर नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लगातार अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था और स्थानीय स्तर पर खुद को भारतीय नागरिक बताता था। मामले में अब यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने उसे फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद की थी।
फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न पहलुओं पर जांच में जुटी हुई हैं।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों या संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।