पचपदरा रिफाईनरी में लगी आग का कारण आया सामने ; जानिए कैसे लगी आग!
उद्घाटन से एक दिन पहले पचपदरा रिफाइनरी में आग… क्या ये हादसा था या बड़ी लापरवाही? Ummedaram Beniwal के खुलासे ने सवाल खड़े कर दिए...
देश की सबसे बड़ी रिफाइनरी पचपदरा में पिछले दिनों लगी आग को लेकर आज एक बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi 21 अप्रैल को इस रिफाइनरी का उद्घाटन करने आने वाले थे, लेकिन एक दिन पहले यानी 20 अप्रैल को रिफाइनरी की उसी यूनिट में अचानक आग लग गई, जहां प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले थे।
इस घटना के 10 दिन बाद बाड़मेर-जैसलमेर के सांसद Ummedaram Beniwal ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी है कि आगजनी की जांच रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अपने पोस्ट में लिखा है कि पचपदरा रिफाइनरी में लगी भीषण आग किसी साजिश का परिणाम नहीं, बल्कि गंभीर तकनीकी खामियों और लापरवाही का नतीजा है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि सस्ती और घटिया कार्बन स्टील का उपयोग, ऑटोमैटिक सेफ्टी वॉल्व की विफलता, SOP का पालन नहीं होना, अनुभवहीन इंजीनियरों की नियुक्ति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे कारण इस बड़े हादसे के जिम्मेदार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट आने से पहले भी उन्होंने हादसे के बाद और उससे पहले इन सभी मुद्दों—घटिया निर्माण सामग्री, सेफ्टी सिस्टम की खामियां और अनुभवहीन कंपनियों की भूमिका—पर सवाल उठाए थे, लेकिन सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने समय रहते सुधार करने के बजाय इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया।
उन्होंने आगे लिखा कि इसका परिणाम यह रहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा प्रस्तावित 21 अप्रैल 2026 को देश के बड़े प्रोजेक्ट के शुभारंभ से पहले ही 20 अप्रैल को रिफाइनरी की हृदय स्थली मुख्य यूनिट CDU-VDU में आगजनी की घटना हो गई।
सांसद ने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं—
जब उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री अनिवार्य थी, तो समझौता क्यों किया गया?
सुरक्षा जांच और टेस्टिंग में लापरवाही किसके दबाव या इशारे पर हुई?
इतने बड़े राष्ट्रीय प्रोजेक्ट में ऐसी गंभीर चूक के लिए जिम्मेदार कौन है?
हादसे के दो सप्ताह बाद भी सरकार जवाबदेही तय करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में क्यों हिचकिचा रही है?
उन्होंने इस घटना को सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय सहित पूरे सिस्टम की बड़ी विफलता बताया है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रोजेक्ट की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की इस पोस्ट के बाद राजस्थान के सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने जनता में नाराजगी पैदा कर दी है और प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहले जहां इस आगजनी को लेकर लोगों में साजिश की आशंका थी, वहीं अब जांच रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होता नजर आ रहा है कि यह घटना तकनीकी खामियों और लापरवाही का परिणाम थी।