तमिलनाडु में थलापति विजय ने राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा... क्या बन पाएंगे CM?

तमिलनाडु में चुनाव के बाद सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। थलापति विजय की TVK और कांग्रेस साथ आए हैं—क्या ये गठबंधन बहुमत जुटाकर सरकार बना पाएगा या अभी बाकी है बड़ा खेल?

May 6, 2026 - 17:06
तमिलनाडु में थलापति विजय ने राज्यपाल से मिलकर पेश किया सरकार बनाने का दावा... क्या बन पाएंगे CM?

तमिलनाडु की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जहां सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है, वहीं राज्य की पारंपरिक राजनीति में एक बड़ा भूचाल देखने को मिल रहा है। दशकों से सत्ता के केंद्र में रही डीएमके और एआईएडीएमके की राजनीति को इस बार एक नए खिलाड़ी ने सीधी चुनौती दी है अभिनेता से नेता बने Thalapathy Vijay की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ (TVK)

TVK की धमाकेदार एंट्री

इस चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया है। पहली ही बार में इतना बड़ा प्रदर्शन यह दिखाता है कि राज्य की जनता अब बदलाव के मूड में है। विजय की लोकप्रियता और उनकी राजनीतिक रणनीति ने पारंपरिक दलों के मजबूत गढ़ को हिला दिया है।

 कांग्रेस का बड़ा फैसला

इस पूरे सियासी घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब Indian National Congress ने अपने लंबे समय के सहयोगी Dravida Munnetra Kazhagam का साथ छोड़कर TVK के साथ हाथ मिला लिया। तमिलनाडु कांग्रेस के प्रमुख K. Selvaperunthagai और प्रभारी Girish Chodankar सहित कई वरिष्ठ नेता TVK मुख्यालय पहुंचे और विजय से मुलाकात कर गठबंधन को अंतिम रूप दिया।

सरकार गठन की कवायद तेज

गठबंधन के बाद कांग्रेस और TVK नेताओं ने राज्यपाल R. N. Ravi से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया है। इससे साफ है कि राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर हलचल तेज हो गई है।

बहुमत का गणित

तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक:

  • TVK: 108 सीट
  • कांग्रेस: 5 सीट
     कुल: 113 सीट

यानी गठबंधन अभी भी बहुमत से 5 सीट पीछे है।

इसी कमी को पूरा करने के लिए TVK अब All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के साथ संपर्क में बताई जा रही है, जिसका नेतृत्व Edappadi K. Palaniswami कर रहे हैं और जिनकी पार्टी ने 47 सीटें जीती हैं।

क्या बनेगा नया समीकरण?

अगर AIADMK इस गठबंधन का हिस्सा बनती है, तो यह समीकरण तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह बदल सकता है। वहीं, अगर यह गठबंधन नहीं बनता, तो राज्य में राजनीतिक अस्थिरता भी देखने को मिल सकती है।

आगे क्या?

तमिलनाडु में इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव का संकेत दे रहा है। TVK की एंट्री, कांग्रेस का फैसला और संभावित नए गठबंधन ये सभी मिलकर एक नई सियासी कहानी लिख रहे हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है: 
क्या विजय के नेतृत्व में यह गठबंधन बहुमत जुटाकर सरकार बना पाएगा?
या फिर तमिलनाडु में सियासत का खेल अभी और पलटेगा?

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।