ईरान-अमेरिका तनाव में नरमी? Donald Trump ने होर्मुज में रोका ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ पर अस्थायी रोक लगा दी है। Abbas Araghchi के विरोध और पाकिस्तान की मध्यस्थता के चलते दोनों देश शांति समझौते के करीब बताए जा रहे हैं।
मध्य-पूर्व के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग Strait of Hormuz में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ देखने को मिला है। Donald Trump ने अपने चर्चित सैन्य मिशन ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिलहाल रोकने का फैसला किया है।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब United States of America और Iran के बीच कई हफ्तों से बैक-चैनल बातचीत जारी है। खास बात यह है कि इस बातचीत में Pakistan अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
क्या था ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’?
‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ एक अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन था, जिसका उद्देश्य Strait of Hormuz में फंसे तटस्थ देशों के व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना था।
ट्रंप प्रशासन ने इसे “निरपराध बाईस्टैंडर्स” की मदद के तौर पर पेश किया था, जिसमें तीनों सेनाओं की भागीदारी शामिल थी।
ईरान का कड़ा विरोध
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस मिशन को ‘प्रोजेक्ट डेडलॉक’ करार दिया था। उनका कहना था कि यह कदम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है और अमेरिका को दूसरे देशों के जाल में फंसा सकता है।
शांति समझौते की ओर बढ़ते कदम
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के जरिए चल रही बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है। इसी को देखते हुए ट्रंप ने सैन्य ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया।
ट्रंप का मानना है कि दोनों देश एक संभावित शांति समझौते के बेहद करीब हैं।
लेकिन नाकेबंदी जारी
हालांकि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को रोका गया है, लेकिन अमेरिका ने Strait of Hormuz में अपनी नाकेबंदी जारी रखने का फैसला किया है।
ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक ईरान के साथ अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक यह दबाव बनाए रखा जाएगा।