जयपुर में सैनिटेशन कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण, आधुनिक मशीनों से सीवर सफाई पर जोर
जयपुर में नगर निगम द्वारा सैनिटेशन कर्मियों, सुपरवाइजरों और संवेदकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें सीवर सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों और आधुनिक मशीनों के उपयोग पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण में सुपर सकर मशीन और सीवर रोबोट जैसी तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे बिना किसी को सीवर में उतारे सुरक्षित और प्रभावी सफाई संभव हो सके। साथ ही, मैन्युअल स्कैवेंजिंग को समाप्त करने और “नमस्ते पोर्टल” के उपयोग पर भी विशेष फोकस किया गया।
जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित IGPRS परिसर में नगर निगम द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सीवर लाइनों के संधारण और सफाई कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इस प्रशिक्षण में कार्य का संपादन करने वाले संवेदकों, सुपरवाइजरों और सफाई कर्मियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मैन्युअल स्कैवेंजिंग को पूरी तरह समाप्त कर आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना था। प्रतिभागियों को “नमस्ते पोर्टल” की जानकारी भी दी गई, जिसके माध्यम से सफाई कार्यों को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बताया कि अब सीवर सफाई के लिए सुपर सकर मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो तेज़ी से गंदा पानी और कीचड़ बाहर निकालती हैं। इन मशीनों की हाई पावर सक्शन तकनीक के कारण किसी भी व्यक्ति को सीवर के अंदर उतरने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे हादसों का खतरा काफी कम हो जाता है।
इसके अलावा, सीवर रोबोट का उपयोग भी समझाया गया, जो सीवर के अंदर जाकर लाइव वीडियो दिखाता है और जाम, दरार या अन्य समस्याओं की सटीक पहचान करता है। जरूरत पड़ने पर यह रोबोट अंदर ही सफाई और कटिंग का कार्य भी कर सकता है, जिससे काम अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनता है।
अधिकारियों ने बताया कि इन आधुनिक मशीनों के उपयोग से सफाई कार्य न केवल तेज़ और सटीक होता है, बल्कि यह पूरी तरह सुरक्षित भी होता है। इससे मैन्युअल स्कैवेंजिंग की प्रथा को खत्म करने में भी मदद मिल रही है।
कार्यशाला में यह भी स्पष्ट किया गया कि सफाई कर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाना अनिवार्य है। नगर निगम ने सभी संबंधित कर्मियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में बताई गई तकनीकों और दिशा-निर्देशों को अपनाकर कार्य को सुरक्षित और आधुनिक तरीके से!