महिलाओं की सुरक्षा के दावों की खुली पोल! बाड़मेर के सखी सेंटर में जो मिला, देखकर भड़क उठीं मजिस्ट्रेट

बाड़मेर के सखी वन स्टॉप सेंटर में औचक निरीक्षण के दौरान ऐसी लापरवाही सामने आई, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। गंदगी, खराब सुविधाएं और महिलाओं को लेकर की गई अनदेखी पर मजिस्ट्रेट कृष्णा गुप्ता ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी।

May 7, 2026 - 16:32
महिलाओं की सुरक्षा के दावों की खुली पोल! बाड़मेर के सखी सेंटर में जो मिला, देखकर भड़क उठीं मजिस्ट्रेट

बाड़मेर में महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए बनाए गए सखी वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्थाओं की उस समय पोल खुल गई, जब मजिस्ट्रेट कृष्णा गुप्ता ने अचानक केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र की हालत बेहद खराब मिली, जिसे देखकर मजिस्ट्रेट नाराज़ हो गईं और अधिकारियों व कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। यह सखी वन स्टॉप सेंटर जिला कलेक्टर परिसर में संचालित किया जा रहा है, जहां महिलाओं को सुरक्षा, सहायता और अस्थायी ठहराव जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। लेकिन निरीक्षण के दौरान जो हालात सामने आए, उन्होंने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

एक दिन पहले भी हुई थी जांच, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था

मजिस्ट्रेट कृष्णा गुप्ता ने निरीक्षण के दौरान कहा कि वे एक दिन पहले भी यहां का दौरा कर चुकी थीं और सुधार के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद केंद्र में किसी तरह का सुधार नजर नहीं आया। उन्होंने कर्मचारियों से नाराज़गी जताते हुए कहा कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद लापरवाही जारी है, जो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खराब मिले CCTV और हेल्पलाइन सिस्टम

निरीक्षण के दौरान केंद्र के कई सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए। वहीं महिलाओं की मदद के लिए लगाए गए हेल्पलाइन फोन और अन्य जरूरी उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर रहे थे। मजिस्ट्रेट ने इसे बेहद गंभीर लापरवाही मानते हुए कहा कि ऐसे सेंटर में सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं बंद मिलना चिंता का विषय है।

देखकर भड़क उठीं मजिस्ट्रेट

सेंटर में साफ-सफाई की हालत भी बेहद खराब मिली। बाथरूम से लेकर स्टाफ रूम तक गंदगी फैली हुई थी। कई जगहों पर बदबू और अव्यवस्था देखी गई। यह देखकर मजिस्ट्रेट कृष्णा गुप्ता कर्मचारियों पर भड़क गईं और मौके पर ही जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए बनाए गए केंद्र की यह हालत बेहद शर्मनाक है।

महिला ने खोली व्यवस्थाओं की सच्चाई

निरीक्षण के दौरान केंद्र में रह रही एक महिला से मजिस्ट्रेट ने सुबह दिए गए नाश्ते के बारे में पूछा। कर्मचारियों ने दावा किया कि महिला को अच्छा नाश्ता दिया गया है। लेकिन महिला ने बताया कि उसे केवल चाय और ब्रेड दी गई थी। यह सुनते ही मजिस्ट्रेट नाराज़ हो गईं और अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं की बुनियादी जरूरतों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

बिना अनुमति अनुपस्थित मिले अधिकारी

निरीक्षण के दौरान कुछ अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित भी मिले। जांच में सामने आया कि उन्होंने छुट्टी के लिए कोई आवेदन या अनुमति तक नहीं ली थी, मजिस्ट्रेट ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।

अंतिम चेतावनी, फिर होगा निरीक्षण

मजिस्ट्रेट कृष्णा गुप्ता ने साफ कहा कि अगले दिन फिर से केंद्र का निरीक्षण किया जाएगा। यदि दोबारा ऐसी स्थिति मिली तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत सभी व्यवस्थाएं सुधारने और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश दिए।

महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं की सुरक्षा, सहायता और पुनर्वास के लिए बनाए गए हैं। ऐसे में यदि उन्हीं केंद्रों में महिलाओं को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलें, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि मजिस्ट्रेट की चेतावनी के बाद केंद्र की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground राजस्थान और देश-दुनिया की ताज़ा, सटीक और भरोसेमंद खबरें सरल और प्रभावी अंदाज़ में प्रस्तुत करना, ताकि हर पाठक तक सही जानकारी समय पर पहुँच सके।