7 साल के बच्चे ने रचा इतिहास: श्रीलंका से भारत तक 30 KM तैरकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड...

झारखंड के 7 साल के इशांक ने श्रीलंका से भारत तक 29 किमी लंबा Palk Strait पार कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया, लेकिन इस सफर के पीछे की कहानी और संघर्ष जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे…

May 7, 2026 - 12:48
7 साल के बच्चे ने रचा इतिहास: श्रीलंका से भारत तक 30 KM तैरकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड...
7 साल के बच्चे ने रचा इतिहास: श्रीलंका से भारत तक 30 KM तैरकर बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड...

झारखंड के रांची से एक ऐसी खबर आई है जिसने खेल जगत में हलचल मचा दी है और पूरे देश को गर्व से भर दिया है। महज 7 साल के नन्हे तैराक इशांक ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे करने में बड़े-बड़े खिलाड़ी भी हिचकिचाते हैं। इशांक ने श्रीलंका और भारत के बीच स्थित खतरनाक और लंबा समुद्री रास्ता Palk Strait पार कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

यह ऐतिहासिक सफर श्रीलंका के तलाईमन्नार से शुरू होकर तमिलनाडु के धनुषकोड़ी तक पूरा हुआ। करीब 29 किलोमीटर लंबे इस समुद्री रास्ते को इशांक ने सिर्फ 9 घंटे 50 मिनट में पार कर लिया। इस दौरान उन्हें तेज लहरों, बदलते मौसम और समुद्र की कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ते रहे।

वर्ल्ड रिकॉर्ड से बढ़ा भारत का मान

इशांक की इस उपलब्धि को यूनिवर्सल रिकॉर्ड्स फोरम ने आधिकारिक रूप से मान्यता देते हुए उन्हें “द यंगेस्ट एंड फास्टेस्ट पाक स्ट्रेट स्वीमर” का सर्टिफिकेट प्रदान किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तमिलनाडु के जय जसवंत के नाम था, जिन्होंने 2019 में 10 साल की उम्र में यह दूरी 10 घंटे 30 मिनट में तय की थी। लेकिन इशांक ने न सिर्फ यह रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि उम्र के लिहाज से भी एक नया इतिहास रच दिया।

रोजाना घंटों की कड़ी ट्रेनिंग

इशांक की इस सफलता के पीछे केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि सालों की कड़ी मेहनत और अनुशासन भी है। बताया जा रहा है कि वह रांची के धुर्वा डैम में रोजाना 4 से 5 घंटे लगातार तैराकी का अभ्यास करते थे। उनकी ट्रेनिंग कोच अमन जायसवाल और बजरंग कुमार की देखरेख में हो रही थी, जिन्होंने उन्हें इस बड़े समुद्री चैलेंज के लिए पूरी तरह तैयार किया।

समुद्र की मुश्किलों को दी चुनौती

Palk Strait अपनी तेज धाराओं और अप्रत्याशित मौसम के लिए जाना जाता है। कई अनुभवी तैराक भी इस दूरी को पार करने में संघर्ष करते हैं, लेकिन इशांक ने अपने आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर इस चुनौती को पार कर दिखाया। उनकी यह यात्रा न केवल शारीरिक क्षमता बल्कि मानसिक मजबूती का भी उदाहरण बन गई है।

देशभर में जश्न और बधाइयों की बाढ़

इशांक की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद झारखंड सहित पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें “छोटा चैंपियन” और “भारत का गौरव” कहकर बधाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इशांक को शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी यह सफलता पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है।

हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इशांक की यह उपलब्धि अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।

भविष्य का सितारा

सिर्फ 7 साल की उम्र में इतना बड़ा रिकॉर्ड बनाकर इशांक ने यह साबित कर दिया है कि अगर हौसला मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उनकी यह सफलता आने वाले समय में भारत के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बनेगी।

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