राजसमंद में अचानक क्यों पहुंचीं दिया कुमारी? आंगनबाड़ी केंद्र की जांच के बाद क्या खुला कोई बड़ा राज? क्या व्यवस्थाओं की सच्चाई सामने आ गई!
बिना किसी पूर्व सूचना के उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी जब राजसमंद के आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं तो माहौल अचानक बदल गया। पोषाहार की जांच से लेकर बच्चों से बातचीत तक हर कदम पर सख्ती दिखी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है—क्या व्यवस्थाओं की सच्चाई सामने आ गई?
राजस्थान के राजसमंद जिले के गुंजोल गांव में आज एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक गतिविधि देखने को मिली, जब प्रदेश की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी अचानक आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं। बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस औचक निरीक्षण ने स्थानीय प्रशासन और केंद्र की व्यवस्थाओं को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने सबसे पहले आंगनबाड़ी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने यह समझने की कोशिश की कि बच्चों के लिए शिक्षा और पोषण से जुड़ी व्यवस्थाएं किस स्तर पर संचालित हो रही हैं।
इसके बाद उन्होंने केंद्र में बच्चों को दिए जा रहे पोषाहार की गुणवत्ता को बारीकी से परखा। भोजन की जांच करते हुए उन्होंने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि बच्चों को हर हाल में पौष्टिक और सुरक्षित आहार उपलब्ध कराया जाए।
दिया कुमारी ने मौके पर ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों के शुरुआती विकास की मजबूत नींव तैयार करना है।
निरीक्षण के दौरान माहौल उस समय और अधिक आत्मीय हो गया जब उपमुख्यमंत्री ने केंद्र में मौजूद छोटे बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनके साथ कुछ समय बिताया, जिससे बच्चों में उत्साह और खुशी देखने को मिली।
इस दौरान दिया कुमारी ने बच्चों को श्रीनाथ जी का प्रसाद भी वितरित किया। प्रसाद पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे और पूरे केंद्र में सकारात्मक माहौल बन गया।
यह औचक निरीक्षण न केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा का माध्यम बना, बल्कि यह भी संदेश गया कि सरकार बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है और जमीनी स्तर पर सुधार की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस निरीक्षण के बाद स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में कितना सुधार देखने को मिलता है।