मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में 95 साल की बुजुर्ग बनीं हीरो, दर्जनों मरीजों की बची जान

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में लगी भीषण आग ने चार मरीजों की जान ले ली। हादसे के दौरान ICU में भर्ती 95 वर्षीय राधा देवी ने धुआं फैलते ही नर्स को सूचना देकर कई मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

Jun 4, 2026 - 13:51
मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड में 95 साल की बुजुर्ग बनीं हीरो, दर्जनों मरीजों की बची जान
मुजफ्फरपुर प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में लगी आग के बारे बताती वहां भर्ती 95 साल की दादी राधा देवी.

बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शहर के चर्चित प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू (ICU) में अचानक आग लग गई, जिसके चलते धुएं से दम घुटने के कारण चार मरीजों की मौत हो गई। वहीं कई अन्य मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों को आनन-फानन में दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में लगी, जहां कई गंभीर मरीज भर्ती थे। इनमें से कई मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरा आईसीयू धुएं से भर गया, जिससे मरीजों का सांस लेना मुश्किल हो गया और कई मरीज बेहोश हो गए।

मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार ने घटना में चार मरीजों की मौत की पुष्टि की है। हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया।

95 वर्षीय राधा देवी बनीं कई जिंदगियों की रक्षक

इस भयावह हादसे के बीच एक 95 वर्षीय बुजुर्ग महिला राधा देवी की सूझबूझ ने कई लोगों की जान बचा ली। राधा देवी भी उसी आईसीयू में भर्ती थीं, जहां आग लगी थी। जैसे ही उन्होंने धुआं फैलते देखा, उन्होंने अपने चेहरे से ऑक्सीजन मास्क हटाया और खुद बाहर निकल आईं।

इसके बाद उन्होंने तुरंत नर्स को आग लगने की सूचना दी। उनकी इस तत्परता के चलते अस्पताल प्रशासन को समय रहते स्थिति का पता चल गया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सका। अगर कुछ मिनट और देरी हो जाती तो मृतकों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।

राधा देवी मुजफ्फरपुर के छपरा मेघ क्षेत्र की रहने वाली हैं। उन्हें सांस लेने में तकलीफ और ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने स्थानीय बज्जिका भाषा में बताया कि अचानक धुआं फैलने लगा और चारों तरफ अंधेरा सा छा गया। इसके बाद वह बाहर निकलकर नर्स को सूचना देने पहुंचीं।

ICU में जलकर खाक हुए उपकरण और बेड

आग इतनी भीषण थी कि ICU में लगे कई बेड, मेडिकल उपकरण, ऑक्सीजन सिस्टम और अन्य जरूरी संसाधन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। घटना की तस्वीरें आग की भयावहता को बयां कर रही हैं।

हॉस्पिटल प्रशासन के मुताबिक आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

रात 3:30 बजे लगी आग, 3:55 बजे पहुंची फायर ब्रिगेड

प्रत्यक्षदर्शियों और मरीजों के परिजनों के अनुसार आग रात करीब 3:30 बजे लगी थी। धुआं फैलने के बाद अस्पताल स्टाफ को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद करीब 3:55 बजे अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

15 से 20 मरीजों को सुरक्षित निकाला गया

मुजफ्फरपुर के अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी रामनिवास पांडे ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बचाव अभियान के दौरान करीब 15 से 20 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

उन्होंने बताया कि दो मरीजों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि दो अन्य मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य मरीजों को तत्काल दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

जांच शुरू, प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, फायर सेफ्टी सिस्टम और आपातकालीन इंतजामों की भी जांच की जाएगी।

फिलहाल प्रशासन मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है। वहीं पूरे शहर में इस हादसे को लेकर शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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