जैसलमेर में मातम: चारधाम यात्रा पर गया परिवार अलकनंदा हादसे का शिकार, AIIMS डॉक्टर समेत 4 की मौत

उत्तराखंड के देवप्रयाग में अलकनंदा नदी में इनोवा कार गिरने से जैसलमेर के एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

Jun 4, 2026 - 12:52
जैसलमेर में मातम: चारधाम यात्रा पर गया परिवार अलकनंदा हादसे का शिकार, AIIMS डॉक्टर समेत 4 की मौत
जैसलमेर के परिवार का उत्तराखंड में हुआ दर्दनाक हादसा

चारधाम यात्रा पर निकला जैसलमेर का एक परिवार कभी नहीं सोच सकता था कि आस्था की यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। उत्तराखंड के देवप्रयाग क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे जैसलमेर को गहरे सदमे में डाल दिया है।

मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे देवप्रयाग के साकनीधार स्थित गंगा दर्शन होटल के पास हरिद्वार की ओर जा रही एक इनोवा कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से फिसल गई और करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिरते हुए अलकनंदा नदी में समा गई। कार में कुल आठ लोग सवार थे, जिनमें अधिकांश सदस्य जैसलमेर के एक ही परिवार के थे।

AIIMS डॉक्टर समेत 4 लोगों की मौत

इस दर्दनाक हादसे में जैसलमेर के दरिया नाथ बावड़ी निवासी और दिल्ली AIIMS में कार्यरत डॉ. दिनेश कुमार माली (27), उनकी माता कमला देवी (67), भांजी जाह्नवी (18) और वाहन चालक अखिलेश की मौत हो गई।

वहीं 12 वर्षीय आयुष्मान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पहले श्रीनगर बेस अस्पताल और बाद में बेहतर उपचार के लिए ऋषिकेश AIIMS रेफर किया गया। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

दूसरी ओर डॉ. दिनेश की बड़ी बहन गुड्डी देवी (40), उनकी बेटी नर्मदा (20) और अश्लेषा (16) अब भी लापता हैं। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।

अलकनंदा नदी में समा गई कार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की रफ्तार काफी तेज थी। पहाड़ी मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और कार सीधे खाई में जा गिरी। देखते ही देखते इनोवा अलकनंदा नदी के तेज बहाव में समा गई।

हादसे की सूचना मिलते ही देवप्रयाग पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। व्यासी, श्रीनगर और ढालवाला इकाइयों की विशेष रेस्क्यू टीमों को तत्काल मौके पर लगाया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पहले डॉ. दिनेश, कमला देवी और चालक अखिलेश के शव बरामद किए गए। इसके बाद लगभग आठ घंटे तक चले अभियान के बाद जाह्नवी का शव भी नदी से निकाला गया।

तेज बहाव और गहरी खाई बनी चुनौती

अलकनंदा नदी का तेज बहाव, करीब 200 मीटर गहरी खाई और दुर्गम पहाड़ी इलाका राहत एवं बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। एसडीआरएफ की टीमें लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन लापता लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

प्रशासन ने खोज अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए हैं।

यूक्रेन से MBBS, फिर AIIMS तक का सफर

परिजनों के अनुसार डॉ. दिनेश कुमार माली ने यूक्रेन से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। दो वर्ष पहले भारत लौटने के बाद उन्होंने कुछ समय जैसलमेर में निजी प्रैक्टिस की और करीब एक साल पहले दिल्ली AIIMS में सेवाएं देना शुरू किया था।

गर्मी की छुट्टियों में वह करीब 10 से 15 दिन पहले अपने घर जैसलमेर आए थे। उन्होंने अपनी मां कमला देवी और पिता लूणाराम को चारधाम यात्रा कराने का निर्णय लिया था।

एक फैसला जिसने बचाई जान, लेकिन छीन लिया पूरा परिवार

इस हादसे की सबसे भावुक और दर्दनाक कहानी डॉ. दिनेश के पिता लूणाराम माली की है।

परिजनों के अनुसार लूणाराम की उम्र अधिक होने और सांस संबंधी दिक्कतों के कारण डॉ. दिनेश ने उन्हें हरिद्वार में ही रुकने की सलाह दी थी। इसके बाद वह अपनी मां, बहन और बच्चों के साथ आगे चारधाम यात्रा पर निकल गए।

किसे पता था कि यही फैसला लूणाराम की जान तो बचा देगा, लेकिन उनका पूरा संसार उनसे छीन लेगा।

हादसे की खबर मिलने के बाद हरिद्वार में मौजूद लूणाराम माली का दर्द देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बिलखते हुए कहा—

"अब मैं किसके सहारे जिऊंगा? मेरा तो पूरा संसार ही उजड़ गया। काश! मुझे भी अपने साथ ले जाते..."

उनकी यह चीख सुनकर वहां मौजूद लोग भी खुद को रोक नहीं पाए।

जैसलमेर में पसरा मातम

जैसे ही हादसे की खबर जैसलमेर पहुंची, पूरे दरिया नाथ बावड़ी क्षेत्र में मातम छा गया। रिश्तेदार, पड़ोसी और परिचित लगातार परिवार के घर पहुंच रहे हैं। हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है।

लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले तक जो परिवार खुशी-खुशी चारधाम यात्रा पर निकला था, वह आज एक भयानक हादसे का शिकार हो गया।

विधायक ने लिया घटनाक्रम का जायजा

जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी ने हादसे के बाद परिजनों से दूरभाष पर बात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने उत्तराखंड प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क कर राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली तथा हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया शोक

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव कार्य में कोई कमी नहीं रहे तथा घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर सावधानी और सुरक्षित ड्राइविंग की अहमियत को याद दिलाता है। फिलहाल पूरे जैसलमेर की निगाहें अलकनंदा नदी में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं और सभी लोग लापता सदस्यों के बारे में किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं।

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