जन्मदिन पर SDO Badrinarayan Vishnoi ने दी बड़ी सौगात, वर्षों पुराना रास्ता विवाद सुलझाकर 300 खातेदारों को पहुंचाया लाभ
बायतु उपखंड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई ने अपने जन्मदिन पर ग्रामीणों को बड़ी सौगात देते हुए वर्षों पुराने रास्ते के विवाद का समाधान किया।
बायतु। प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनसेवा की भावना का एक प्रेरणादायक उदाहरण बायतु में देखने को मिला, जहां उपखंड अधिकारी (एसडीओ) बद्रीनारायण विश्नोई ने अपने जन्मदिन को खास बनाते हुए ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने वर्षों से लंबित पड़े रास्ते के विवाद का समाधान कर लगभग 300 खातेदारों और सैकड़ों ग्रामीणों को सरकारी रास्ते का लाभ दिलाया। इस फैसले से क्षेत्र के लोगों को न केवल आवागमन में सुविधा मिलेगी, बल्कि शिक्षा, कृषि, रोजगार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भी राहत मिलेगी।
मामला ग्राम पंचायत निम्बाणियों की ढाणी से जुड़ा हुआ है। पिछले सप्ताह यहां जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल आयोजित हुई थी, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया था। चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) बाड़मेर राजेन्द्रसिंह चांदावत के समक्ष खातेदारी भूमि में वर्षों से चल रहे रास्ते के विवाद को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी। ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी कटाण मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें बायतु उपखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि रास्ते की समस्या के कारण किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी होती है, विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज आने-जाने में कठिनाई होती है तथा मजदूरों और आम नागरिकों को भी दैनिक कार्यों के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। कई बार आपातकालीन परिस्थितियों में भी लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए एडीएम राजेन्द्रसिंह चांदावत ने उपखंड अधिकारी बद्रीनारायण विश्नोई को मौके का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही एसडीओ विश्नोई ने मामले को प्राथमिकता देते हुए तहसीलदार मोनालिसा देथा, भू-अभिलेख निरीक्षक पनजी हनुमान जाखड़ तथा हल्का पटवारी अभिषेक के साथ मौके का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित खातेदारों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर समस्या की पूरी जानकारी प्राप्त की। एसडीओ विश्नोई ने उपस्थित लोगों को सरकारी कटाण मार्गों के महत्व, कानूनी प्रावधानों और ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी रास्ते केवल आवागमन का माध्यम नहीं होते, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास की रीढ़ होते हैं।
समस्या के समाधान के लिए एसडीओ विश्नोई ने ग्राम चुतराणियों की ढाणी एवं निम्बाणियों की ढाणी के मौजिज लोगों और संबंधित खातेदारों के साथ कई घंटों तक समझाइश और संवाद किया। प्रशासन की सकारात्मक पहल और आपसी सहमति के प्रयासों का परिणाम यह रहा कि ग्राम चुतराणियों की ढाणी के खसरा संख्या 645/527 तथा 706/522 के खातेदारों ने सार्वजनिक हित को देखते हुए कटाण मार्ग के लिए भूमि उपलब्ध कराने की लिखित सहमति दे दी।
खातेदारों की सहमति मिलने के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रस्ताव तैयार किया। एसडीओ विश्नोई के निर्देश पर तहसीलदार मोनालिसा देथा ने सभी राजस्व प्रक्रियाएं पूरी कर प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया। इसके बाद गुरुवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर एसडीओ बद्रीनारायण विश्नोई ने ग्रामीणों को उपखंड कार्यालय में आमंत्रित कर आदेश की प्रतियां सौंपी और सरकारी रास्ते के आवंटन की औपचारिक घोषणा की।
इस निर्णय से लगभग 300 खातेदारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जबकि आसपास की ढाणियों और गांवों के सैकड़ों परिवारों को भी बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होगी। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से लंबित इस समस्या का समाधान होने से अब क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों का समय एवं धन दोनों की बचत होगी।
ग्रामीणों ने एसडीओ विश्नोई की इस पहल को जनहित में लिया गया ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन यदि संवेदनशीलता और इच्छाशक्ति के साथ कार्य करे तो लंबे समय से लंबित समस्याओं का भी समाधान संभव है।
इस अवसर पर समाजसेवी चैनाराम चौधरी, जोगाराम, ठाकराराम, पूर्णाराम, रूपाराम, पोकरराम, दासूराम, मोतीराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह केवल एक रास्ते का आवंटन नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए विकास, सुविधा और राहत का नया मार्ग है। एसडीओ बद्रीनारायण विश्नोई ने अपने जन्मदिन को व्यक्तिगत उत्सव तक सीमित न रखकर जनहित के कार्य से यादगार बना दिया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है।