‘पानी मांगोगे तो FIR मिलेगी?’ गहलोत का BJP सरकार पर हमला, मंत्री के गांव में दर्ज केस को बताया तानाशाही

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के धुंधाड़ा गांव में पानी की समस्या उठाने वाले ग्रामीणों पर FIR दर्ज होने के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

Jun 3, 2026 - 16:49
‘पानी मांगोगे तो FIR मिलेगी?’ गहलोत का BJP सरकार पर हमला, मंत्री के गांव में दर्ज केस को बताया तानाशाही

राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर पानी का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर जिले के धुंधाड़ा गांव में पानी की समस्या को लेकर आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर दर्ज FIR के मामले में भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों को आड़े हाथों लिया है। गहलोत ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए सरकार पर जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ने का आरोप लगाया।

‘पानी मांगोगे तो जेल जाओगे’ – गहलोत

अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राजस्थान में भाजपा सरकार का नया ‘डबल इंजन सर्कस’ चल रहा है, जहां पानी जैसी मूलभूत जरूरत की मांग करने पर लोगों को मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जोधपुर के धुंधाड़ा गांव के ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री और गांव के निवासी जोगाराम पटेल के सामने पेयजल संकट का मुद्दा उठाया था और समाधान की मांग की थी। लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय जलदाय विभाग (PHED) की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज करा दिया गया।

मंत्री से उम्मीद करना क्या गलत है?

गहलोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि जोधपुर जिले से जोगाराम पटेल सरकार में एकमात्र कैबिनेट मंत्री हैं। ऐसे में यदि स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास जाते हैं तो इसमें गलत क्या है?

उन्होंने कहा कि जनता अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से ही उम्मीद करती है कि वे उनकी बुनियादी जरूरतों और समस्याओं का समाधान करेंगे। लेकिन यदि समस्या उठाने वालों पर ही कानूनी कार्रवाई होने लगे तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।

पहले भी सामने आया था ऐसा मामला

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में एक पुराने विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इससे पहले जब ग्रामीणों ने एक अन्य मंत्री जोराराम कुमावत से पेयजल की मांग की थी, तब कथित तौर पर गांव के बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए गए थे।

गहलोत का आरोप है कि ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि सरकार जनता की समस्याएं सुनने के बजाय विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

सरकार पर लगाया संवेदनहीनता का आरोप

अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में मंत्रियों और प्रशासन की कार्यशैली बदल गई है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में असफल साबित हो रही है और इसके बजाय विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी समस्याएं रखने का अधिकार है और सरकार का कर्तव्य उन समस्याओं का समाधान करना है, न कि शिकायत करने वालों को डराना।

पानी का मुद्दा बना राजनीतिक बहस का केंद्र

धुंधाड़ा गांव का यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्ष इसे जनता की आवाज दबाने की कार्रवाई बता रहा है, जबकि सरकार और प्रशासन की ओर से अभी तक इस पूरे विवाद पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजस्थान में भीषण गर्मी और जल संकट के बीच पेयजल की उपलब्धता एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है। ऐसे समय में पानी को लेकर उठे इस विवाद ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।

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