पुणे की पूर्व कर्मचारी का विप्रो पर गंभीर आरोप: धर्म परिवर्तन का दबाव, उत्पीड़न और जबरन इस्तीफा दिलाने का दावा

पुणे में एक पूर्व महिला कर्मचारी ने विप्रो टेक्नोलॉजीज पर धार्मिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर भेदभाव और जबरन इस्तीफा दिलाने के आरोप लगाए हैं।

Jun 4, 2026 - 16:26
पुणे की पूर्व कर्मचारी का विप्रो पर गंभीर आरोप: धर्म परिवर्तन का दबाव, उत्पीड़न और जबरन इस्तीफा दिलाने का दावा

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक पूर्व महिला कर्मचारी ने आईटी कंपनी विप्रो टेक्नोलॉजीज के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए धार्मिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर भेदभाव और जबरन इस्तीफा दिलाने की शिकायत दर्ज कराई है। मामले ने आईटी सेक्टर और कॉर्पोरेट कार्यस्थलों में कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

यह मामला उस समय सामने आया जब पुणे में हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला ने सार्वजनिक रूप से अपनी आपबीती साझा की। महिला पहले कंपनी के हिंजवडी स्थित कार्यालय में कार्यरत थी।

'मुझ पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया'

महिला का आरोप है कि अगस्त 2025 में आयोजित एक टीम मीटिंग के दौरान उस पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया गया। उसका कहना है कि उसे अपना पक्ष रखने का अवसर तक नहीं दिया गया और परिस्थितियां ऐसी बना दी गईं कि उसे इस्तीफा देना पड़ा।

महिला के अनुसार, कंपनी के कुछ अधिकारियों का रवैया उसके प्रति लगातार नकारात्मक था और शिकायतों के बावजूद उसे न्याय नहीं मिला।

धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप

पूर्व कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसकी एक महिला सहकर्मी लगातार उसे इस्लाम धर्म अपनाने और एक मुस्लिम युवक के साथ संबंध बनाने के लिए प्रेरित करती थी। महिला का दावा है कि सहकर्मी बार-बार उसकी निजी जिंदगी में दखल देती थी और हिंदू धर्म छोड़ने की सलाह देती थी।

महिला के अनुसार, उसे यह कहा जाता था कि धर्म परिवर्तन करने पर उसका भविष्य बेहतर होगा और विदेश में अवसर मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

10 महीने तक उत्पीड़न झेलने का दावा

पीड़िता का कहना है कि उसने इस पूरे मामले की शिकायत कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभागों से की थी। हालांकि उसके आरोप हैं कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय कंपनी की ओम्बड्स कमेटी में उसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दी गई।

महिला का दावा है कि लगभग 10 महीने तक उसे मानसिक प्रताड़ना और भेदभाव का सामना करना पड़ा।

पुलिस में शिकायत, कानूनी नोटिस भी भेजा

मामले को लेकर हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। महिला के वकील ने बताया कि कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा गया है और 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की गई है।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है और सभी पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।

कॉर्पोरेट माहौल पर उठे सवाल

इस घटना ने कार्यस्थल पर धार्मिक स्वतंत्रता, लैंगिक सम्मान और कर्मचारियों के अधिकारों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि मामले में अभी जांच जारी है और आरोपों पर संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

नासिक के मामले से भी जुड़ी चर्चा

इस बीच महाराष्ट्र में ही सामने आए एक अन्य चर्चित मामले का भी उल्लेख किया जा रहा है, जिसमें एक आईटी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा धार्मिक दबाव और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। उस मामले में जांच एजेंसियां पहले से कार्रवाई कर रही हैं।

फिलहाल पुणे का यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

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