IPL चैंपियन बनने के बाद RCB की विक्ट्री परेड क्यों नहीं निकल रही?
IPL 2026 का खिताब जीतने के बावजूद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) इस बार शहर में विक्ट्री परेड नहीं निकालेगी।
लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन बनने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) इस बार अपने प्रशंसकों के लिए विक्ट्री परेड का आयोजन नहीं करेगी। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल मुकाबले में गुजरात टाइटन्स को हराकर खिताब बचाने वाली टीम के फैन्स बड़े जश्न की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा कारणों और प्रशासनिक निर्देशों के चलते फ्रेंचाइजी ने सार्वजनिक समारोह से दूरी बनाने का फैसला किया है।
पिछले साल की त्रासदी बनी बड़ा कारण
RCB के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण पिछले साल हुई दर्दनाक भगदड़ की घटना है। 4 जून 2025 को टीम की पहली IPL ट्रॉफी जीत के बाद एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर आयोजित विजय जुलूस के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। अव्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में कमी के चलते भगदड़ मच गई, जिसमें 11 प्रशंसकों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हुए थे।
इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मामले में राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका तक को हस्तक्षेप करना पड़ा था। यही वजह है कि इस बार किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचा जा रहा है।
पुलिस पहले ही कर चुकी थी एडवाइजरी जारी
बेंगलुरु पुलिस ने IPL फाइनल से पहले ही लोगों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी थी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की थी कि मैच के नतीजे के बाद सड़क पर जश्न न मनाएं, पटाखे न फोड़ें और ट्रैफिक बाधित करने वाली गतिविधियों से दूर रहें।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया था कि बाइक रैली, स्टंट, सड़क जाम और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक समारोहों को अनुमति नहीं देने का संकेत पहले ही दिया जा चुका था।
मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह का भी असर
RCB की विक्ट्री परेड रद्द होने के पीछे एक अन्य महत्वपूर्ण कारण कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का शपथ ग्रहण समारोह भी माना जा रहा है।
लोक भवन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वीआईपी मेहमानों और समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। राजभवन, लोक भवन और एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम एक-दूसरे के काफी करीब स्थित हैं। ऐसे में एक ही दिन दो बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता था।
इसी वजह से पुलिस और प्रशासन ने सार्वजनिक जश्न को सीमित रखने की सलाह दी, जिसे RCB प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया।
खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय व्यस्तताएं भी बनी वजह
टीम के कई खिलाड़ियों को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है। कुछ खिलाड़ी भारतीय टीम से जुड़ेंगे, जबकि विदेशी खिलाड़ी अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों के आगामी दौरों और सीरीज के लिए रवाना होंगे।
ऐसे में टीम के पास बड़े स्तर पर जश्न मनाने के लिए पर्याप्त समय भी नहीं है। यही कारण है कि इस बार खिताबी उत्सव सीमित और नियंत्रित दायरे में ही रखा जाएगा।
सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
RCB प्रबंधन और प्रशासन दोनों का मानना है कि टीम की सफलता का जश्न मनाना जरूरी है, लेकिन उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण प्रशंसकों की सुरक्षा है। पिछले साल हुई दुखद घटना को देखते हुए किसी भी प्रकार की भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचने का फैसला लिया गया है।
लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतने की खुशी बरकरार है, लेकिन इस बार जश्न सड़कों पर नहीं बल्कि नियंत्रित और सुरक्षित माहौल में देखने को मिलेगा।