‘मदन राठौड़ फेल हो गए, इसलिए कैलाश चौधरी को मैदान में उतारा गया’... डोटासरा का BJP पर तंज, जूली बोले- असहमति जताओ तो पाकिस्तानी बना देते हैं
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा सरकार और प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधा।
राजस्थान की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी के ‘हवा-हवाई नेता’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा सरकार और उसके प्रदेश नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा की विचारधारा और कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
टोंक के दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि जनता पहले ही तय कर चुकी है कि असली ‘हवा-हवाई नेता’ कौन है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव जीतकर आए हैं, जबकि कैलाश चौधरी केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी चुनाव हार गए थे।
‘मदन राठौड़ फेल हो गए, इसलिए कैलाश सक्रिय हुए’
डोटासरा ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा संगठन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद पार्टी नेतृत्व को लग रहा है कि मदन राठौड़ प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं, इसलिए अब कैलाश चौधरी को मैदान में उतारा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कैलाश चौधरी पांच साल तक केंद्र में कृषि राज्य मंत्री रहे, लेकिन किसानों के हित में कोई बड़ा काम नहीं कर सके। आज भी किसान फसल बीमा, मुआवजे और कृषि योजनाओं को लेकर परेशान हैं।
सरकार पर किसानों और युवाओं की अनदेखी का आरोप
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों, युवाओं और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़कें खराब हैं, अपराध बढ़ रहे हैं, पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और बेरोजगार युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली के लगातार दौरों के बावजूद राजस्थान को कोई विशेष आर्थिक लाभ नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिला या पेपर लीक जैसी समस्याओं पर कोई ठोस समाधान निकला?
नीट और CBSE विवाद पर भी उठाए सवाल
डोटासरा ने कहा कि यदि CBSE में हुई गड़बड़ियों पर अधिकारियों को हटाया जा सकता है तो नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने के बजाय राजनीतिक एजेंडे पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
टीकाराम जूली का BJP पर हमला
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में एक नया राजनीतिक ट्रेंड शुरू हो गया है, जहां जो व्यक्ति भाजपा की विचारधारा से सहमत नहीं होता, उसे तुरंत देशविरोधी या पाकिस्तानी करार देने की कोशिश की जाती है।
जूली ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक प्रवृत्ति है और इससे समाज में विभाजन की राजनीति को बढ़ावा मिलता है।
CBI और ED को लेकर भी उठाए सवाल
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का राजनीतिक उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सरकार ने शुरुआत में गंभीरता नहीं दिखाई और बाद में दबाव बढ़ने पर जांच एजेंसियों को आगे किया गया।
उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।
सचिन पायलट और गहलोत पर भी बोले डोटासरा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के चेहरे हैं, जबकि राजस्थान में पार्टी सामूहिक नेतृत्व के आधार पर आगे बढ़ेगी।
उन्होंने सचिन पायलट और अशोक गहलोत दोनों को कांग्रेस का सम्मानित नेता बताते हुए कहा कि दोनों का पार्टी में महत्वपूर्ण योगदान है और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए सभी मिलकर काम कर रहे हैं।
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल
डोटासरा और जूली के बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जबकि आने वाले समय में यह राजनीतिक टकराव और अधिक बढ़ने के संकेत दे रहा है।