आसाराम को हाईकोर्ट से राहत: उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए बेहतर इलाज के निर्देश, जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती करने के आदेश

नाबालिग से यौन शोषण मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर राहत मिली है।

Jun 4, 2026 - 17:59
आसाराम को हाईकोर्ट से राहत: उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए बेहतर इलाज के निर्देश, जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती करने के आदेश
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आसाराम को स्वास्थ्य सुविधाओं पर हाईकोर्ट से राहत

नाबालिग से यौन शोषण मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए जेल प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि उनकी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता हो तो उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकीय उपचार और अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं का दिया गया हवाला

आसाराम की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि बढ़ती उम्र और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें विशेष चिकित्सा देखभाल की जरूरत है। याचिका में नियमित स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति लगातार निगरानी की मांग करती है और समय-समय पर विशेष उपचार की आवश्यकता पड़ती है।

वकीलों ने अदालत के सामने रखा पक्ष

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से अधिवक्ता आरएस सलूजा और यशपाल राजपुरोहित ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि आसाराम लंबे समय से विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और उनकी नियमित चिकित्सकीय निगरानी बेहद जरूरी है।

वकीलों ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, उचित भोजन व्यवस्था और स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि उनकी स्थिति और गंभीर न हो।

जेल प्रशासन को दिए स्पष्ट निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पूर्व में पारित न्यायिक आदेशों और उपलब्ध चिकित्सा रिकॉर्ड का अवलोकन किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि पहले से उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाए।

अदालत ने कहा कि किसी भी कैदी के स्वास्थ्य की सुरक्षा और समय पर उपचार सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और उपचार व्यवस्था को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।

जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती करने की अनुमति

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि भविष्य में आसाराम की तबीयत अधिक बिगड़ती है या जोधपुर सेंट्रल जेल में पर्याप्त उपचार संभव नहीं हो पाता है तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराने की अनुमति दी जा सकती है।

अदालत ने यह भी कहा कि चिकित्सा संबंधी मामलों में समय पर निर्णय लिया जाना आवश्यक है ताकि स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से बचा जा सके।

हाल ही में बिगड़ी थी तबीयत

गौरतलब है कि हाल के दिनों में स्वास्थ्य कारणों को लेकर आसाराम की ओर से राहत की मांग की गई थी। कुछ समय पहले उनकी तबीयत खराब होने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भी ले जाया गया था।

इसी पृष्ठभूमि में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दायर याचिका पर अदालत ने सुनवाई की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

नियमित निगरानी सुनिश्चित करेगा जेल प्रशासन

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब जोधपुर सेंट्रल जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि आसाराम को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं समय पर मिलती रहें। साथ ही उनकी स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी भी की जाएगी।

अदालत के निर्देशों के अनुसार यदि भविष्य में किसी विशेष चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ती है तो विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और अस्पताल में उपचार की व्यवस्था भी उपलब्ध करानी होगी।

क्या है मामला

उल्लेखनीय है कि आसाराम को नाबालिग से यौन शोषण के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह वर्तमान में जोधपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे हैं। समय-समय पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर उनकी ओर से अदालत में विभिन्न याचिकाएं दायर की जाती रही हैं।

अब राजस्थान हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद उनके स्वास्थ्य और उपचार व्यवस्था को लेकर जेल प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

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