शादी का झांसा देकर युवती से एक साल तक किया दुष्कर्म, अब वादे से मुकरा आरोपी; पुलिस ने दर्ज की Zero FIR
राजस्थान के अजमेर में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने एक साल तक शारीरिक संबंध बनाए और बाद में शादी से मुकर गया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 69 के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के अजमेर जिले से एक बार फिर रिश्तों को शर्मसार करने और प्यार के नाम पर धोखा देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक युवती को शादी का झांसा देकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से पूरी तरह मुकर गया। इस धोखे से आहत होकर पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नए कानून के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक साल पहले दोस्ती, फिर प्यार का नाटक और शोषण
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई। इस दौरान आरोपी ने युवती को अपने जाल में फंसाने के लिए प्रेम संबंध (Love Affair) का नाटक शुरू कर दिया।
युवती का आरोप है कि आरोपी ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा और जल्द ही सात फेरे लेने का पक्का वादा किया। इसी शादी का झांसा देकर उसने युवती का विश्वास जीता और उसकी मर्जी के खिलाफ जाकर उसके साथ पहली बार शारीरिक संबंध (Physical Relations) बनाए। इसके बाद आरोपी शादी की बात को लगातार टालता रहा और एक साल तक उसका यौन शोषण करता रहा।
शादी से मुकरा आरोपी, डिप्रेशन में आया परिवार
जब पीड़िता ने आरोपी पर शादी करने और अपने परिवार से बात करने का दबाव बनाया, तो आरोपी का असली चेहरा सामने आ गया। आरोपी ने युवती से शादी करने से साफ इंकार कर दिया और उसे छोड़ दिया। इस धोखे के बाद पीड़िता और उसका परिवार गहरे सदमे में है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि इस घटना के कारण समाज में उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरी ठेस पहुंची है और लोक-लाज के डर व बदनामी के कारण उसका पूरा परिवार डिप्रेशन (मानसिक तनाव) का सामना कर रहा है।
अलग थाना क्षेत्र का मामला, पुलिस ने दर्ज की 'जीरो एफआईआर'
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जब प्राथमिक जांच शुरू की, तो तकनीकी पेच सामने आया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने जिस पहली घटना और मुख्य घटनास्थल का जिक्र किया है, वह क्षेत्र इस संबंधित थाने के क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) में नहीं आता है, बल्कि वह किसी अन्य थाना क्षेत्र का हिस्सा है।
ऐसी स्थिति में पीड़िता को परेशान न होना पड़े, इसके लिए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत 'जीरो एफआईआर' (Zero FIR) दर्ज कर ली। जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद केस की डायरी और तमाम दस्तावेज अग्रिम कार्रवाई और विस्तृत जांच के लिए संबंधित थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिए गए हैं। दूसरी थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर प्राप्त होने के बाद नियमित मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश व मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।