जयपुर में धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश, 4 महिलाएं समेत 5 गिरफ्तार
जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर परिसर में आयोजित नानी बाई का मायरो कथा के दौरान पुलिस ने धार्मिक आयोजनों में चोरी और लूटपाट करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है।
राजधानी जयपुर में धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर चोरी और लूटपाट करने वाली एक अंतरराज्यीय गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गोविंद देवजी मंदिर परिसर में आयोजित नानी बाई का मायरो कथा कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने चार महिलाओं और एक चालक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार यह गैंग राजस्थान सहित कई राज्यों में धार्मिक आयोजनों, मेलों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में सक्रिय रही है और मौका मिलते ही श्रद्धालुओं के कीमती सामान पर हाथ साफ करती थी।
कथा स्थल पर संदिग्ध गतिविधियों से खुला राज
माणकचौक थाना प्रभारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि गोविंद देवजी मंदिर परिसर में बुधवार से नानी बाई का मायरो कथा का आयोजन शुरू हुआ था। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और नॉर्थ जिला डीएसटी की टीम विशेष निगरानी कर रही थी।
इसी दौरान कुछ महिलाओं की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं। पुलिस टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ करने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं वहां से निकल गईं। संदेह गहराने पर पुलिस ने उनका पीछा शुरू कर दिया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए मचाई अफरा-तफरी
पुलिस के पीछा करने की भनक लगते ही आरोपी दो अलग-अलग कारों में सवार होकर मौके से भागने लगे। पुलिसकर्मी बाइक और अन्य वाहनों से लगातार उनका पीछा करते रहे।
गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में आरोपियों ने रास्ते में कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बावजूद पुलिस ने घेराबंदी कर एक कार चालक सहित चार महिलाओं को दबोच लिया।
हालांकि दूसरी कार का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पंजाब और हरियाणा से जुड़े हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किरणदीप कौर, रणवीर कौर, परमजीत कौर, बबली और गुलजिन्दर सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पंजाब और हरियाणा से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस का मानना है कि यह गैंग धार्मिक आयोजनों में भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को निशाना बनाती थी।
कई आपराधिक मामलों में पहले से दर्ज हैं नाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
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किरणदीप कौर के खिलाफ 5 मामले दर्ज हैं।
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रणवीर कौर के खिलाफ 6 मामले दर्ज हैं।
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परमजीत कौर के खिलाफ 7 मामले दर्ज हैं।
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बबली और गुलजिन्दर सिंह के खिलाफ भी एक-एक आपराधिक मामला दर्ज बताया गया है।
इन मामलों में चोरी, लूटपाट और अन्य संपत्ति संबंधी अपराध शामिल हैं।
धार्मिक आयोजनों में बनाते थे निशाना
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि गैंग विशेष रूप से धार्मिक आयोजनों, कथा कार्यक्रमों, मेलों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों को टारगेट करती थी।
ऐसे आयोजनों में श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की व्यस्तता का फायदा उठाकर आरोपी लोगों के पर्स, मोबाइल, गहने और अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे। वारदात के बाद वे तुरंत दूसरे शहर या राज्य की ओर निकल जाते थे।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ गैंग के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिछले दिनों धार्मिक आयोजनों में हुई चोरी और लूट की घटनाओं में इस गैंग की भूमिका रही है या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूछताछ के बाद कई अन्य वारदातों का खुलासा हो सकता है।