मां ने अपने 3 बच्चों को बाथटब में डुबोकर मार डाला,खुद की आत्महत्या रही नाकाम.

सऊदी अरब के अल खोबर में हैदराबाद की सैयदा हुमेरा अमरीन ने अपने तीन बच्चों—सात साल के जुड़वां बेटों सादिक और आदिल, तथा तीन साल के यूसुफ—को बाथटब में डुबोकर मार डाला। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और पारिवारिक झगड़ों से जूझ रही सैयदा ने इसके बाद आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन असफल रही। सऊदी पुलिस ने उसे हिरासत में लिया, और मामले की जांच जारी है। यह दिल दहलाने वाली घटना मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक समर्थन की कमी को उजागर करती है।

Aug 29, 2025 - 11:30
मां ने अपने 3 बच्चों को बाथटब में डुबोकर मार डाला,खुद की आत्महत्या रही नाकाम.

सऊदी अरब के अल खोबर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां हैदराबाद की रहने वाली एक महिला ने अपने तीन बच्चों की बाथटब में डुबोकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी जान लेने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रही। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है, बल्कि भारत में भी इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। आरोपी महिला की पहचान सैयदा हुमेरा अमरीन के रूप में हुई है, जो हैदराबाद के टोलीचौकी, मोहम्मदी लाइन्स (एमडी लाइन्स) की निवासी है। वह अपने पति और बच्चों के साथ विजिट वीजा पर सऊदी अरब में रह रही थी।

घटना का विवरण

यह घटना 26 अगस्त 2025 को हुई, जब सैयदा के पति मोहम्मद शाहनवाज, जो सऊदी अरब में सेल्समैन के रूप में काम करते हैं, अपने काम से घर लौटे। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनके तीनों बच्चे—सात साल के जुड़वां बेटे सादिक अहमद और आदिल अहमद, तथा तीन साल का सबसे छोटा बेटा यूसुफ अहमद—मृत अवस्था में पड़े थे। जांच में पता चला कि सैयदा ने अपने तीनों बच्चों को घर के बाथटब में डुबोकर उनकी हत्या की। इसके बाद उसने आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन वह फिसल गई और बेहोश हो गई। शाहनवाज ने तुरंत स्थानीय अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद सैयदा को हिरासत में ले लिया गया।वर्तमान में सैयदा हुमेरा अमरीन अस्पताल में इलाजरत है और सऊदी पुलिस की हिरासत में है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि हत्या के कारणों का पता लगाया जा सके।

मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक तनाव की भूमिका

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, सैयदा पिछले कुछ समय से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और गहरे अकेलेपन से जूझ रही थी। उनके परिवार में लगातार झगड़े होने की भी बात सामने आई है, जिसने उनकी मानसिक स्थिति को और बिगाड़ दिया हो सकता है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन परिस्थितियों ने इस भयावह कदम को उठाने में कितनी बड़ी भूमिका निभाई। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं, खासकर जब उनका समय पर इलाज न हो, ऐसी चरम घटनाओं को जन्म दे सकती हैं।

जांच और सवाल

सऊदी पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सैयदा ने अपने बच्चों की हत्या क्यों की। क्या यह मानसिक स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति का परिणाम था, या पारिवारिक तनाव और अन्य परिस्थितियों ने उन्हें इस हद तक धकेल दिया? पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है। इसके साथ ही, सैयदा की मानसिक स्थिति का आकलन करने के लिए मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन भी किया जा सकता है।

परिवार और समुदाय में शोक

इस घटना ने सैयदा के परिवार और हैदराबाद के मोहम्मदी लाइन्स के समुदाय में गहरा शोक पैदा किया है। तीन मासूम बच्चों की मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। स्थानीय लोग और रिश्तेदार इस घटना को समझने की कोशिश कर रहे हैं, और कई लोग सैयदा की मानसिक स्थिति के बारे में चिंता जता रहे हैं। इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर सहायता की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।आगे की कार्रवाईसऊदी अरब के कानून के तहत हत्या जैसे गंभीर अपराधों के लिए कठोर सजा का प्रावधान है। सैयदा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है, और उनकी मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या वह अपने कृत्य के लिए पूरी तरह जिम्मेदार थीं। दूसरी ओर, भारत में उनके परिवार ने इस घटना पर दुख जताया है और जांच में सहयोग की बात कही है।

मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत

यह घटना मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेष रूप से प्रवासी परिवारों में, जहां सामाजिक समर्थन की कमी और सांस्कृतिक बदलाव तनाव को बढ़ा सकते हैं, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहद जरूरी है। सऊदी अरब जैसे देशों में, जहां प्रवासी श्रमिकों की संख्या अधिक है, ऐसे मामलों को रोकने के लिए समुदाय-आधारित सहायता और परामर्श सेवाओं की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।

इस दुखद घटना ने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि समाज को यह सोचने पर मजबूर किया है कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।