शादी तय होने के एक दिन बाद हादसे में बुझ गया चिराग: लॉ स्टूडेंट और म्यूजिक बैंड सिंगर पारस की मौत, महिला क्रिकेटर की थार ने मारी टक्कर

जयपुर में 1 दिसंबर की रात महिला क्रिकेटर भव्या चौधरी की तेज रफ्तार थार ने 23 साल के लॉ स्टूडेंट और म्यूजिक बैंड सिंगर पारस की स्कूटी को टक्कर मार दी। पारस की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी शादी महज एक दिन पहले तय हुई थी। बुआ नंदिनी गंभीर रूप से घायल। भव्या को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

Dec 4, 2025 - 11:31
शादी तय होने के एक दिन बाद हादसे में बुझ गया चिराग: लॉ स्टूडेंट और म्यूजिक बैंड सिंगर पारस की मौत, महिला क्रिकेटर की थार ने मारी टक्कर

जयपुर (4 दिसंबर 2025): जिंदगी के सबसे खुशी के पल को जीने की उमंग में एक युवा की सांसें थम गईं। जयपुर के नटराज नगर निवासी 23 वर्षीय पारस का सपना अगले साल 17 मार्च को होने वाली शादी का था, जो महज एक दिन पहले ही तय हो चुका था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। 1 दिसंबर की रात करीब 10 बजे, एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने पारस की इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पारस की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ सवार बुआ नंदिनी शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को शोक की चादर ओढ़ा दी है। हादसे की मुख्य आरोपी भव्या चौधरी एक महिला क्रिकेटर हैं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पारस: एक होनहार लॉ स्टूडेंट और म्यूजिक लवर पारस कोई साधारण युवक नहीं था। वह जयपुर के एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में तीसरे वर्ष का छात्र था और वकालत की दुनिया में कदम रखने की तैयारी कर रहा था। पढ़ाई के साथ-साथ उसका जुनून था संगीत। पारस एक लोकप्रिय म्यूजिक बैंड का हिस्सा था, जहां वह मधुर आवाज से गीतों को जान फूंकता था। दोस्तों के मुताबिक, पारस अक्सर बैंड के साथ लोकल इवेंट्स और कॉलेज फेस्टिवल्स में परफॉर्म करता था। "वह स्टेज पर आता तो सबकी सांसें थम जातीं। उसकी आवाज में जादू था," उनके एक करीबी दोस्त ने बताया। परिवार के लिए पारस चिराग था—एक ऐसा चिराग जो न सिर्फ घर को रोशन कर रहा था, बल्कि भविष्य की उज्ज्वल किरण बनने को तैयार था।हादसे से ठीक एक दिन पहले, 30 नवंबर को पारस का रिश्ता एक प्रतिष्ठित परिवार से तय हुआ था। घर में हंसी-खुशी का माहौल था। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहता, और शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं। मां-पिता, बहनें—सबकी आंखों में सपनों का समंदर था। लेकिन यह खुशी महज 24 घंटे टिकी। पारस की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। "मेरा बेटा कल शादी की बातें कर रहा था, आज वह हमारे बीच नहीं है। भगवान ने हमसे क्या गलती ली?" मां ने आंसुओं के बीच कहा। पिता, जो एक प्राइवेट जॉब में हैं, सदमे में बोल ही नहीं पा रहे। परिवार के अन्य सदस्य भी शारीरिक और मानसिक रूप से टूट चुके हैं। नटराज नगर इलाके में सन्नाटा छा गया है, जहां कभी पारस की हंसी गूंजती थी।

हादसे का विवरण: विधानसभा के पास ड्राइवर की लापरवाही बनी मौत का कारण घटना 1 दिसंबर की रात करीब 10 बजे ज्योति नगर थाने से महज 700 मीटर दूर, विधानसभा क्षेत्र के पास हुई। पारस अपनी इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी पर सवार होकर घर से विधानसभा की ओर जा रहा था। उसके पीछे बुआ नंदिनी शर्मा भी स्कूटी पर बैठी हुई थीं। अचानक, जोर की स्पीड से आ रही एक सफेद रंग की महिंद्रा थार ने पारस की स्कूटी को पीछे से ठोक दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पारस सड़क पर उछल पड़ा और मौके पर ही दम तोड़ दिया। नंदिनी के पैरों में गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत एसएमएस अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत अभी स्थिर है, लेकिन पूर्ण रूप से ठीक होने में समय लगेगा।साक्ष्यों के अनुसार, थार चालक भव्या चौधरी शराब के नशे में धुत थीं। हादसे के बाद वे मौके से भागने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस को मौके पर पहुंचने में ज्यादा देर नहीं लगी। भव्या को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए (लापरवाही से मौत का कारण बनना) और 337 (चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने पर कार्रवाई और सख्त हो सकती है। भव्या राजस्थान महिला क्रिकेट टीम की एक उभरती हुई खिलाड़ी हैं। वे राज्य स्तर पर कई मैच खेल चुकी हैं और क्रिकेट अकादमी से जुड़ी हुई हैं। इस घटना ने खेल जगत में भी सनसनी फैला दी है, क्योंकि एक होनहार खिलाड़ी की लापरवाही ने एक युवा की जिंदगी छीन ली।

पुलिस जांच और परिवार की मांग ज्योति नगर थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे की पूरी जांच चल रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, और गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। "ड्राइवर की लापरवाही साफ नजर आ रही है। हम सख्त कार्रवाई करेंगे," उन्होंने कहा। पारस का शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार नटराज नगर में ही संपन्न हो गया, जहां सैकड़ों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे।परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। "हमें सजा मिलनी चाहिए, लेकिन क्या इससे मेरा बेटा वापस आ जाएगा?" पिता ने कहा। स्थानीय विधायक ने भी परिवार से मुलाकात की और आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया। यह हादसा सड़क सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और लापरवाही—ये कारक हर साल सैकड़ों जिंदगियां निगल लेते हैं। जयपुर पुलिस ने अभियान चलाने का ऐलान किया है, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.