गोवा नाइटक्लब में सिलेंडर ब्लास्ट: 25 लोगों की दर्दनाक मौत, ज्यादातर दम घुटने से गईं जानें

गोवा के अर्पोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में शनिवार देर रात गैस सिलेंडर फटने से भीषण आग लग गई। हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 4 पर्यटक और 14 स्टाफ शामिल हैं। ज्यादातर मौतें दम घुटने से हुईं। क्लब में फायर सेफ्टी नियमों का घोर उल्लंघन मिला है। सीएम प्रमोद सावंत ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

Dec 7, 2025 - 10:53
गोवा नाइटक्लब में सिलेंडर ब्लास्ट: 25 लोगों की दर्दनाक मौत, ज्यादातर दम घुटने से गईं जानें

अर्पोरा (उत्तर गोवा), 7 दिसंबर 2025: गोवा के पर्यटन केंद्र अर्पोरा में शनिवार रात को एक नाइटक्लब में हुए सिलेंडर ब्लास्ट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। 'बर्च बाय रोमियो लेन' नामक इस पॉपुलर रेस्तरां-कम-नाइटक्लब में आधी रात के करीब हुए धमाके से भीषण आग लग गई, जिसमें 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में 4 पर्यटक, 14 क्लब के स्टाफ सदस्य और 7 अन्य लोगों के शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, बंबोलिम में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी घायलों की हालत स्थिर है।यह हादसा गोवा के पर्यटन उद्योग के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है, जहां हर साल लाखों पर्यटक नाइटलाइफ और बीच पार्टियों के लिए आते हैं। क्लब, जो पिछले साल ही खुला था, पणजी से लगभग 25 किलोमीटर दूर अर्पोरा गांव में स्थित है। यह बैगा बीच के पास एक व्यस्त इलाके में है, जहां रात के समय पार्टियां और डांस फ्लोर पर हलचल रहती है। घटना के समय क्लब में करीब 100 लोग मौजूद थे, जिनमें पर्यटक और स्टाफ शामिल थे।

घटना का विवरण: धमाके से आग की लपटें, धुआं और अफरा-तफरी पुलिस के अनुसार, रात करीब 12 बजे क्लब के किचन क्षेत्र में एक गैस सिलेंडर फट गया, जिससे आग तेजी से फैल गई। गोवा पुलिस प्रमुख आलोक कुमार ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि आग ग्राउंड फ्लोर से शुरू होकर पूरे क्लब में फैल गई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि आग पहली मंजिल पर डांस फ्लोर से शुरू हुई, जहां पर्यटक नाच रहे थे। "अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, और आग की लपटें चारों तरफ फैल गईं। लोग भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन संकरी सीढ़ियां और छोटे दरवाजे बाधा बन गए," एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया।आग इतनी तेज थी कि क्लब की अस्थायी संरचना, जो पाम लीव्स (ताड़ के पत्तों) से बनी थी, जल्दी ही जल उठी। ज्यादातर पीड़ित बेसमेंट और किचन क्षेत्र में फंस गए, जहां स्टाफ सदस्य काम कर रहे थे। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि 3 लोगों की मौत जलने से हुई, जबकि बाकी 22 की मौत दम घुटने (सुफोकेशन) से हुई। धुएं की वजह से लोग बाहर निकल नहीं पाए, और कई स्टाफ सदस्य किचन में ही फंसकर मारे गए।फायर ब्रिगेड की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन क्लब के संकरे प्रवेश द्वार और अर्पोरा नदी के किनारे स्थित होने की वजह से पहुंचने में देरी हुई। करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बचाव कार्य में पुलिस, फायर डिपार्टमेंट और स्थानीय लोगों ने भी मदद की। शवों को गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम चल रहा है।

पीड़ितों का ब्रेकडाउन: पर्यटकों और स्टाफ पर भारी पड़ा असर मरने वालों में ज्यादातर क्लब के किचन वर्कर और स्टाफ सदस्य थे। पुलिस ने 18 शवों की पहचान कर ली है:4 पर्यटक: इनमें मुंबई, दिल्ली और विदेश से आए लोग शामिल हैं।14 स्टाफ सदस्य: क्लब के वेटर, कुक और सिक्योरिटी गार्ड शामिल। इनमें 3 महिलाएं भी हैं, जो किचन में काम कर रही थीं। 7 अज्ञात: इनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किए जा रहे हैं। परिवार वालों को सूचना दी जा रही है।घायलों में 2 पर्यटक और 4 स्टाफ शामिल हैं, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत और जलन की चोटें आई हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया: सीएम साइट पर पहुंचे, जांच के आदेश घटना की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो मौके पर पहुंचे। सावंत ने कहा, "यह गोवा के लिए बेहद दुखद दिन है। हमारी सरकार पूरे मामले की गहन जांच करेगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।" उन्होंने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जो अगले 30 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि क्लब में फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। कोई वैध फायर एनओसी नहीं थी, और इमारत में इमरजेंसी एग्जिट की कमी थी। सावंत ने कहा, "क्लब ने फायर नॉर्म्स का उल्लंघन किया। पूरे गोवा में नाइटक्लब्स का सेफ्टी ऑडिट होगा।" कैलंगुट पंचायत सोमवार को सभी नाइटक्लब्स को नोटिस जारी करेगी, और बिना परमिशन वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।पुलिस ने क्लब के मालिक और जनरल मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आईपीसी की धारा 304 (कल्पनीय हत्या) और 337 (लापरवाही से चोट पहुंचाना) के तहत केस दर्ज हुआ है।

केंद्र सरकार का सहयोग: पीएम मोदी ने जताया शोक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा शोक जताया। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। उन्होंने सीएम सावंत से बात कर स्थिति का जायजा लिया।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी शोक व्यक्त किया और कहा, "यह दुखद हादसा है। बचाव और राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं।"

व्यापक प्रभाव: पर्यटन पर सवाल, सेफ्टी ऑडिट की मांग यह हादसा गोवा के नाइटलाइफ को झकझोर गया है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह राज्य की छवि पर बट्टा लगाएगा, लेकिन सेफ्टी को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में आग की घटनाएं अक्सर खराब बिल्डिंग प्रैक्टिस, भीड़भाड़ और सेफ्टी नियमों की अनदेखी से होती हैं। गोवा में अब सभी पर्यटन स्थलों पर इमरजेंसी ड्रिल और स्मोक डिटेक्टर अनिवार्य होंगे।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.