अजमेर रेलवे स्टेशन से जिंदा पकड़ा गया ‘आत्महत्या का नाटक’ करने वाला युवक,तीन दिन तक SDRF-प्रशासन ने नदी में ढूंढा, आखिरकार GRP ने दबोचा

भीलवाड़ा का रामलाल उर्फ कालूराम ने बनास नदी पुलिया पर बाइक-सुसाइड नोट छोड़कर आत्महत्या का नाटक किया। SDRF-पुलिस ने 3 दिन तक नदी में तलाशी ली, लेकिन चौथे दिन जीआरपी ने उसे अजमेर रेलवे स्टेशन से जिंदा पकड़ लिया। शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार।

Dec 7, 2025 - 16:40
अजमेर रेलवे स्टेशन से जिंदा पकड़ा गया ‘आत्महत्या का नाटक’ करने वाला युवक,तीन दिन तक SDRF-प्रशासन ने नदी में ढूंढा, आखिरकार GRP ने दबोचा

 अजमेर। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रहने वाले एक युवक ने आत्महत्या का इतना सटीक नाटक रचा कि पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीमें तीन दिन तक बनास नदी में उसकी तलाश करती रहीं। लेकिन चौथे दिन सच सामने आया – युवक बिल्कुल जिंदा था और अजमेर रेलवे स्टेशन पर चुपचाप छिपा बैठा था। आखिरकार जीआरपी (रेलवे पुलिस) ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे धर दबोचा।घटना का पूरा क्रम3 दिसंबर 2024 की शाम अजमेर जिले के सावर थाना क्षेत्र में स्थित स्टेट हाईवे-26 पर बनास नदी की पुलिया के पास एक मोटरसाइकिल खड़ी मिली। पास ही कुछ कागजात बिखरे पड़े थे। सूचना मिलते ही सावर पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया।

मौके पर मिली चीजें: एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल (नंबर राजस्थान रजिस्टर्ड)  तीन आधार कार्ड की फोटोकॉपी  एक पासपोर्ट साइज फोटो एक हाथ से लिखा सुसाइड नोट

सुसाइड नोट में लिखा था कि “मैं रामलाल बहुत परेशान हूं, कोई मेरे शव की तलाश न करे, मैं आत्महत्या कर रहा हूं।” कागजातों से मृतक की पहचान रामलाल उर्फ कालूराम पुत्र धन्ना रेंगर, निवासी भीमपुरा (भीलवाड़ा) के रूप में हुई।

 तीन दिन चली तलाशी पुलिस ने तुरंत SDRF की टीम बुला ली। बनास नदी के उस हिस्से में लगातार तीन दिन तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। गोताखोरों ने नदी के दोनों किनारों, पुलिया के नीचे और कई किलोमीटर तक पानी में शव की तलाश की, लेकिन कुछ नहीं मिला। परिजनों को सूचना दी गई, वे भी मौके पर पहुंचे और रोते-बिलखते रहे। पूरे क्षेत्र में चर्चा थी कि युवक ने कर्ज या पारिवारिक कलह के चलते आत्महत्या कर ली।

चौथे दिन पलटा पूरा खेल 6 दिसंबर को जीआरपी अजमेर को मुखबिर ने सूचना दी कि आत्महत्या करने वाला वही युवक अजमेर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 4-5 के आसपास घूम रहा है। तकनीकी जांच में भी उसका मोबाइल लोकेशन रेलवे स्टेशन क्षेत्र में मिला। जीआरपी टीम ने तुरंत छापा मारा और युवक को दबोच लिया। पूछताछ में उसने कबूला कि उसका नाम रामलाल उर्फ कालूराम ही है और उसने जानबूझकर आत्महत्या का नाटक रचा था। उसने बताया कि वह कुछ लोगों से बचना चाहता था, इसलिए यह ड्रामा किया और तीन दिन तक अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा। अंत में अजमेर रेलवे स्टेशन पर आ गया था।

कानूनी कार्रवाई युवक के खिलाफ आत्महत्या का झूसा देकर प्रशासन को गुमराह करने और लोक शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जीआरपी ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है कि आखिर वह किन लोगों से बच रहा था और इस नाटक के पीछे असली वजह क्या थी।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.