जयपुर रोडवेज बस में यात्रा के दौरान ड्राइवर ने यात्री का सिर फोड़ दिया, पाइप से किया हमला
जयपुर में रोडवेज बस ड्राइवर विनोद कुमार ने स्टॉपेज पर बस रोकने की बात कहने पर यात्री दीमांशु सेन के सिर पर लोहे की पाइप से हमला कर दिया। यात्री लहूलुहान हो गया, लेकिन ड्राइवर ने बस सिंधी कैंप तक चलाई। वहां ड्यूटी ऑफिसर ने इलाज करवाया। पुलिस ने ड्राइवर पर जानलेवा हमले का केस दर्ज किया, आरोपी फरार।
जयपुर। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की एक साधारण बस यात्रा उस समय खौफनाक हो गई जब बस ड्राइवर ने सिर्फ अपने स्टॉप पर उतरने की गुजारिश करने पर एक युवा यात्री पर लोहे की पाइप से हमला कर दिया। मामला 7 दिसंबर 2025 का बताया जा रहा है। घायल यात्री का नाम दीमांशु सेन है, जो बूंदी जिले का निवासी है।
घटना कैसे हुई? प्रत्यक्षदर्शियों और घायल यात्री के अनुसार, दीमांशु सेन बूंदी से जयपुर आ रही रोडवेज बस में सवार था। बस जब जयपुर शहर के अंदर अपने निर्धारित रूट पर चल रही थी तो दीमांशु ने ड्राइवर से अपना स्टॉप आने पर बस रोकने की सामान्य सी रिक्वेस्ट की। इस पर ड्राइवर विनोद कुमार अचानक आग-बबूला हो गया। बस के अंदर ही उसने सीट के नीचे रखी लोहे की पाइप उठाई और दीमांशु सेन के सिर पर जोरदार वार कर दिया। हमले से यात्री के सिर से खून की धार बहने लगी और वह लहूलुहान होकर सीट पर गिर पड़ा। बस में मौजूद अन्य यात्री डर के मारे चुप रहे और किसी ने हिम्मत नहीं की कि ड्राइवर को रोके।
ड्राइवर ने घायल यात्री को बीच रास्ते नहीं उतारा सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि सिर फटने और खून से लथपथ हालत में भी ड्राइवर विनोद कुमार ने बस नहीं रोकी। उसने घायल यात्री की कोई मदद नहीं की, न ही किसी अस्पताल में रुककर प्राथमिक उपचार करवाया। बल्कि बस को सीधे जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड तक ले गया। रास्ते में यात्री दर्द से तड़पता रहा और खून बहता रहा।सिंधी कैंप पहुंचने पर हुआ इलाजजब बस सिंधी कैंप डिपो पहुंची तब ड्यूटी ऑफिसर को पूरी घटना का पता चला। डिपो के ड्यूटी ऑफिसर ने तुरंत घायल दीमांशु सेन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसके सिर पर कई टांके लगाए गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस में शिकायत दर्ज, ड्राइवर फरार घटना की जानकारी मिलते ही सिंधी कैंप थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दीमांशु सेन की शिकायत पर ड्राइवर विनोद कुमार के खिलाफ जानलेवा हमले (IPC की धारा 307), लापरवाही और सरकारी कर्मचारी द्वारा कर्तव्य में घोर उपेक्षा के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी ड्राइवर फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।