जयपुर: 16 साल बाद 25 हजार का इनामी अपराधी गिरफ्तार, 85 लाख रुपये के हीरे लेकर हुआ था फरार

जयपुर की माणकचौक पुलिस ने 16 साल से फरार 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी रामप्रसाद डे को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। वर्ष 2009 में उसने जयपुर के व्यापारी से 85 लाख रुपये के हीरे लेकर फरार हो गया था।

Nov 28, 2025 - 12:06
जयपुर: 16 साल बाद 25 हजार का इनामी अपराधी गिरफ्तार, 85 लाख रुपये के हीरे लेकर हुआ था फरार

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 16 साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी को आखिरकार दबोच लिया है। माणकचौक थाना पुलिस ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रहने वाले रामप्रसाद डे (उम्र 49 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। रामप्रसाद जयपुर पुलिस के टॉप-10 मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल था।

साल 2009 का मामला जनवरी 2009 में जयपुर के प्रसिद्ध जौहरी बाजार क्षेत्र में रहने वाले हीरा व्यापारी मुकेश सोनी ने माणकचौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि पश्चिम बंगाल निवासी रामप्रसाद डे उनके पास से 85 लाख रुपये मूल्य के कीमती हीरे लेकर फरार हो गया है। मुकेश सोनी ने बताया था कि रामप्रसाद उनके पुराने परिचित थे और व्यापारिक लेन-देन के सिलसिले में उनके पास आया था। विश्वास के आधार पर सोनी ने उसे बड़ी मात्रा में हीरे सौंपे थे, लेकिन इसके बाद रामप्रसाद अपना मोबाइल बंद कर गायब हो गया।पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी, लेकिन वह लगातार जगह बदलता रहा और पुलिस को चकमा देता रहा। इस मामले में पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

16 साल तक कैसे बचता रहा फरार अपराधी? पुलिस के अनुसार, रामप्रसाद डे गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना ठिकाना बदलता रहा। वह पश्चिम बंगाल के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के विभिन्न इलाकों में छिपता रहा। कई बार वह फर्जी नाम और पहचान पत्र का इस्तेमाल करता था। इतने लंबे समय तक फरार रहने के बावजूद वह कभी जयपुर नहीं लौटा और न ही हीरे बेचने की कोई बड़ी कोशिश की, जिससे उसका पता चलता।

कैसे लगी गिरफ्तारी की सूचना? माणकचौक थाना प्रभारी और उनकी टीम लगातार पुराने वांटेड अपराधियों पर नजर रखे हुए थी। हाल ही में मुखबिर से सूचना मिली कि रामप्रसाद डे पश्चिम बंगाल के अपने गांव के आसपास देखा गया है। इसके बाद जयपुर पुलिस की एक विशेष टीम ने पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया। तकनीकी निगरानी और मानव खुफिया तंत्र के जरिए आखिरकार उसे नदिया जिले के नकाशीपारा थाना क्षेत्र के उदय चंद्रपुर गांव से दबोच लिया गया।

आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ? गिरफ्तारी के समय रामप्रसाद के पास से कुछ नकदी और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। हालांकि 85 लाख रुपये के मूल हीरे अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में वह हीरों के बारे में सही-सही जानकारी नहीं दे रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही हीरों का पता चल जाएगा।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.