किरोड़ी लाल मीणा की बड़ी कार्रवाई: खराब मूंगफली से तैयार हो रहे थे ‘उन्नत बीज’, फैक्ट्री से लाखों बैग जब्त
जयपुर जिले के चौमूं स्थित रीको सिल्वर पार्क में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने औचक छापा मारकर नकली और खराब क्वालिटी के मूंगफली बीज पैकिंग रैकेट का खुलासा किया।
राजस्थान में किसानों के नाम पर चल रहे एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। जयपुर जिले के चौमूं स्थित रीको सिल्वर पार्क में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार सुबह औचक कार्रवाई करते हुए एक ऐसी फैक्ट्री पकड़ी, जहां खराब क्वालिटी की मूंगफली को “उन्नत बीज” बनाकर पैक किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री से करीब 2 लाख बोरियां खराब मूंगफली की बरामद हुईं। जांच में सामने आया कि इन बोरियों से मशीनों की मदद से मूंगफली का दाना निकालकर उसे अलग-अलग ब्रांड के नाम से बीज के रूप में पैक किया जा रहा था। इस पूरे मामले ने कृषि विभाग और किसानों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
‘श्री बालाजी एग्रो सीकर’ के नाम से चल रहा था खेल
जांच के दौरान कृषि विभाग को पता चला कि ‘एग्रो जेनिक्स क्रॉप साइंस’ और ‘जीएम एग्रो इंडस्ट्रीज’ नाम की अनधिकृत कंपनियां ‘श्री बालाजी एग्रो सीकर’ के नाम से बीज पैकिंग का काम कर रही थीं। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में किसान-510 (RG-510), SG-551 और RG-578 किस्मों के नाम वाले खाली और पैक बैग मिले। अधिकारियों के मुताबिक, इन ब्रांडेड बैग्स में खराब क्वालिटी की मूंगफली भरकर किसानों तक पहुंचाने की तैयारी थी।
फैक्ट्री से क्या-क्या मिला?
छापेमारी के दौरान कृषि विभाग और अधिकारियों की टीम ने फैक्ट्री से भारी मात्रा में सामग्री बरामद की। इनमें शामिल हैं—
- करीब 2 लाख बोरियां साबुत मूंगफली
- लाखों खाली पैकेजिंग बैग
- हजारों पैक किए हुए बीज बैग
- हाईटेक दाना निकालने वाली मशीनें
- पैकेज सिलाई मशीनें
- संदिग्ध दस्तावेज और रिकॉर्ड
जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री में मूंगफली का दाना निकालने के बाद उसे बीज के रूप में आकर्षक पैकिंग में बाजार में भेजा जा रहा था।
कई जिलों में एक साथ चला अभियान
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि यह कार्रवाई केवल जयपुर तक सीमित नहीं थी। कृषि विभाग की टीमों ने जोधपुर, बीकानेर, सीकर, चूरू समेत कई जिलों में एक साथ निरीक्षण और कार्रवाई अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि नकली और अमानक कृषि उत्पादों के खिलाफ सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।
“किसानों के साथ धोखा बर्दाश्त नहीं”
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा “प्रदेश सरकार किसानों को आगामी बुवाई सत्र के लिए प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और नकली बीज बेचने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।
किसानों के लिए बड़ा खतरा क्यों हैं नकली बीज?
विशेषज्ञों के मुताबिक, खराब या नकली बीजों का सबसे बड़ा नुकसान किसानों को झेलना पड़ता है।
ऐसे बीजों से
- फसल की पैदावार घट जाती है
- बीज अंकुरित नहीं होते
- किसानों का पूरा सीजन खराब हो सकता है
- आर्थिक नुकसान लाखों तक पहुंच सकता है
यही वजह है कि कृषि विभाग आगामी बुवाई सीजन से पहले लगातार निरीक्षण अभियान चला रहा है।
मामले में आगे क्या?
फिलहाल कृषि विभाग ने फैक्ट्री में मौजूद सामग्री को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। संबंधित कंपनियों और संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चैन का भी खुलासा हो सकता है।
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