बाड़मेर में अवैध बसों का बढ़ता नेटवर्क, यात्रियों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा...रोडवेज यूनियन ने कार्रवाई की उठाई मांग

बाड़मेर जिले में अवैध बस संचालन को लेकर रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग को ज्ञापन सौंपा है। यूनियन ने आरोप लगाया कि बिना परमिट और नियमों के विरुद्ध चल रही निजी बसें यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही हैं और रोडवेज को आर्थिक नुकसान पहुंचा रही हैं।

May 26, 2026 - 14:21
बाड़मेर में अवैध बसों का बढ़ता नेटवर्क, यात्रियों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा...रोडवेज यूनियन ने कार्रवाई की उठाई मांग
बाड़मेर में अवैध बसों का बढ़ता नेटवर्क, यात्रियों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा...रोडवेज यूनियन ने कार्रवाई की उठाई मांग

राजस्थान के बाड़मेर जिले में अवैध बसों का संचालन अब प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। लगातार शिकायतों, नियमों की अनदेखी और हादसों की आशंकाओं के बीच अब यह मुद्दा आम लोगों की सुरक्षा से भी जुड़ गया है। इसी गंभीर समस्या को लेकर राजस्थान पथ परिवहन निगम कर्मचारी यूनियन ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग को ज्ञापन सौंपते हुए अवैध बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यूनियन का कहना है कि जिले में कई निजी बस संचालक खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बसों का संचालन कर रहे हैं। ये बसें बिना वैध परमिट, बिना फिटनेस प्रमाणपत्र और कई बार आवश्यक दस्तावेजों के बिना ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शहर के अलग-अलग स्थानों से भरी जा रही सवारियां

रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने आरोप लगाया कि अवैध बस संचालक निर्धारित बस स्टैंड की बजाय शहर के अलग-अलग इलाकों से सवारियां उठा रहे हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि रोडवेज को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, निजी बस संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं और नियमों की अनदेखी कर अधिक से अधिक सवारियां भर रहे हैं। कई बसों में ओवरलोडिंग की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा लगातार बना रहता है।

यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का आरोप

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि अवैध बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में रहती है। कई बसों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता और तकनीकी जांच के बिना ही उन्हें सड़कों पर उतार दिया जाता है।

यूनियन का कहना है कि यदि समय रहते इन बसों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से लगातार लापरवाही बरतने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

रोडवेज की आय पर भी पड़ रहा असर

रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने बताया कि राजस्थान रोडवेज सरकार को राजस्व देने के साथ-साथ आम लोगों को सुरक्षित और सस्ती यात्रा सुविधा उपलब्ध करवाता है। लेकिन अवैध बसों के कारण रोडवेज की आय लगातार प्रभावित हो रही है।

यूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में रोडवेज की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है। इससे सरकारी परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

यूनियन ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि जिले में संचालित सभी अवैध बसों की विशेष जांच अभियान चलाकर जांच की जाए। साथ ही बिना परमिट और नियम विरुद्ध संचालन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे को कितनी प्राथमिकता देता है और अवैध बस संचालन पर रोक लगाने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Web Desk Web Desk The Khatak