14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म, बड़ी बहन के लिव-इन पार्टनर पर आरोप; बहन ने आरोपी का साथ दिया ..
सीकर में 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले ने सनसनी फैला दी है। आरोप है कि बड़ी बहन के लिव-इन पार्टनर ने वारदात को अंजाम दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने POCSO और रेप की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के सीकर जिले में एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़िता की सगी बड़ी बहन का लिव-इन पार्टनर (साथ रहने वाला युवक) है।
पीड़ित परिवार के गंभीर आरोप और घटनाक्रम
पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़िता की मां ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मां के अनुसार, उनकी बड़ी बेटी कुछ समय पहले अपना घर छोड़कर चली गई थी और एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप (बिना शादी के साथ रहना) में रह रही थी। परिजनों का आरोप है कि इसी युवक ने मौका पाकर उनकी 14 साल की नाबालिग छोटी बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया और उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया।
घटना का पता तब चला जब डरी-सहमी नाबालिग ने हिम्मत जुटाकर अपने साथ हुई इस दरिंदगी की पूरी आपबीती अपने माता-पिता और परिजनों को बताई। मासूम की बात सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
शिकायत करने पर मिलीं धमकियां
दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, जब पीड़ित परिवार को इस घिनौनी हरकत का पता चला, तो उन्होंने तुरंत अपनी बड़ी बेटी से संपर्क किया और उसे उसके लिव-इन पार्टनर की इस करतूत के बारे में पूरी जानकारी दी। परिवार को उम्मीद थी कि बड़ी बेटी अपनी बहन का साथ देगी, लेकिन स्थिति उलट गई। आरोप है कि सच्चाई सामने आने के बाद बड़ी बहन और उसके लिव-इन पार्टनर ने मिलकर पीड़ित परिवार को ही मुंह बंद रखने की धमकी दी और पुलिस में न जाने का दबाव बनाया। दोनों की तरफ से परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकियां भी दी गईं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच
धमकी और सामाजिक दबाव के बावजूद पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस की शरण ली। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सीकर पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित संगीन धाराओं, बलात्कार (रेप) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act - यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का बयान:
"मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। नाबालिग के स्वास्थ्य परीक्षण और मजिस्ट्रेट के सामने बयान (164 के तहत) दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। घटना के सभी पहलुओं और साक्ष्यों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पीड़िता के बयानों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"
फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।