धौलपुर के राजनीतिक परिवार में घरेलू विवाद: भाजपा पूर्व प्रत्याशी नीरजा शर्मा को बेटे-बेटी ने कथित तौर पर पटक-पटककर पीटा, दोनों पक्षों ने थाने में दर्ज कराई शिकायतें
धौलपुर के प्रमुख राजनीतिक परिवार में गहरा विवाद: भाजपा की पूर्व प्रत्याशी नीरजा शर्मा (पूर्व मंत्री बनवारीलाल शर्मा की बहू) ने बेटे दुष्यंत और बेटी मालविका मुद्गल पर मारपीट व घर खाली कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। वहीं बेटी ने मां और मौसी पर प्रताड़ना, मारपीट व फोन तोड़ने का केस दर्ज कराया। दोनों पक्षों की पुलिस में शिकायतें दर्ज, जांच जारी। परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत होने के बावजूद संपत्ति-रिश्तों पर तनाव उजागर।
धौलपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक प्रमुख राजनीतिक परिवार में गंभीर घरेलू विवाद सामने आया है, जो अब पुलिस जांच के दायरे में है। भाजपा की पूर्व विधानसभा प्रत्याशी और पूर्व मंत्री बनवारीलाल शर्मा की बहू नीरजा शर्मा (60 वर्ष) ने अपने ही बेटे और बेटी पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, बेटी और बेटे ने भी मां नीरजा और उनकी मौसी पर गंभीर आरोप लगाकर काउंटर शिकायत दी है। यह घटना 20 जनवरी 2026 को हुई बताई जा रही है, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई हैं।
घटना का विवरण: मां का पक्ष
नीरजा शर्मा, जो राजाखेड़ा विधानसभा से 2023 में भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं, ने कोतवाली थाने में शिकायत दी है कि 20 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे वह घर में काम कर रही थीं। तभी उनके बेटे दुष्यंत (33 वर्ष) और बेटी मालविका मुद्गल (36 वर्ष) घर पहुंचे। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए नीरजा को घर खाली करने का दबाव बनाया।
जब नीरजा ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो दोनों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उन्होंने उन्हें जमीन पर पटक दिया, लात-घूंसे मारे और बुरी तरह पीटा। शोर सुनकर नीरजा की बहन वारिजा शर्मा (मौसी) और नौकर छोटू ने बीच-बचाव किया और उन्हें बचाया। नीरजा का कहना है कि बेटा-बेटी लगातार घर खाली करवाने का दबाव बना रहे हैं और परिवार में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
बेटी-बेटे का पक्ष: लंबे समय से प्रताड़ना का आरोप
दूसरी ओर, बेटी मालविका मुद्गल ने भी मां नीरजा और मौसी वारिजा शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मालविका के अनुसार, 20 जनवरी सुबह करीब 11:30 बजे वह अपने कमरे से कार्यालय जा रही थीं। रसोई के पास मौसी वारिजा ने उनके साथ गाली-गलौज की। जब मालविका ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की, तो मां नीरजा ने उनका मोबाइल फोन गिरा दिया और तोड़ने का प्रयास किया।
इसके बाद मां और मौसी ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। मालविका ने आरोप लगाया है कि उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें कमरे से बाहर कर दिया गया है और भोजन भी बंद कर दिया गया है। दोनों बच्चे मिलकर एक एनजीओ चलाते हैं, जहां वे स्कूलों में सैनिटरी पैड वितरण और बच्चों की शिक्षा से जुड़े कार्य करते हैं।
पुलिस की कार्रवाई
कोतवाली थाने के प्रभारी वीरेंद्र मीणा ने दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज कर ली हैं। दोनों तरफ से गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं, साथ ही न्याय और सुरक्षा की मांग की गई है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी हुई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह परिवार धौलपुर की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहा है:नीरजा शर्मा के ससुर बनवारीलाल शर्मा (पूर्व मंत्री) कांग्रेस के कद्दावर नेता थे। वे धौलपुर से कई बार विधायक चुने गए और राज्य मंत्री भी रहे। 1967 में पहली बार विधायक बने, 1980 में वसुंधरा राजे को हराया और 1990 में भैरोंसिंह शेखावत को कड़ी टक्कर दी। उन्हें धौलपुर की राजनीति का 'चाणक्य' कहा जाता था। उनका निधन अक्टूबर 2024 में 84 वर्ष की आयु में हुआ।
नीरजा के पति अशोक शर्मा पूर्व में कांग्रेस जिला अध्यक्ष रह चुके थे। उन्होंने 2018 में भाजपा की टिकट पर राजाखेड़ा से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। करीब साढ़े 3 साल पहले दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।नीरजा स्वयं 2023 के विधानसभा चुनाव में राजाखेड़ा से भाजपा प्रत्याशी थीं, लेकिन कांग्रेस के रोहित बोहरा से 15,230 वोटों से हार गईं (नीरजा को 73,085 वोट मिले, जबकि विजेता को 88,315)।