आवारा कुत्तों का कहर: 12 साल की बच्ची को नोच-नोचकर मार डाला, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप
बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र के अलकोदिया गांव में आवारा कुत्तों के झुंड ने 12 साल की बच्ची पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले भी कई बार कुत्तों के हमले हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
राजस्थान के बूंदी जिले में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने 12 साल की मासूम बच्ची की जान ले ली। घटना तालेड़ा उपखंड क्षेत्र के अलकोदिया गांव की सोमवार सुबह करीब 6 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली रिंकू भील (12) पुत्री बंशी भील सोमवार सुबह अपनी झोपड़ी से कुछ दूरी पर खेत में शौच के लिए गई थी। इसी दौरान वहां घूम रहे आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर अचानक हमला कर दिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक कुत्ते उसे गंभीर रूप से घायल कर चुके थे।
ग्रामीणों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया और घायल बच्ची को तुरंत तालेड़ा अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, बच्ची के शरीर पर गहरे जख्म थे, जिससे साफ था कि हमला बेहद खतरनाक था।
घटना की सूचना मिलते ही तालेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की जानकारी मिलते ही एएसपी उमा शर्मा, डीएसपी राजेश टेलर और थाना प्रभारी देशराज सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
पहले भी हो चुके हैं हमले, फिर भी नहीं जागा प्रशासन
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक लंबे समय से बना हुआ है। कई बार प्रशासन को शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे पहले 13 फरवरी को सीतापुरा स्थित मॉर्डन स्कूल में भी कुत्तों के हमले में एक बालिका गंभीर रूप से घायल हो चुकी है, जिसका इलाज अभी भी जारी है।