बाड़मेर को मिली नई कलेक्टर: IAS चिन्मयी गोपाल ने संभाला पदभार, जॉइन करते ही रिकॉर्ड रूम की बदहाली पर जताई चिंता
बाड़मेर पहुंचते ही IAS चिन्मयी गोपाल एक्शन मोड में नजर आईं। पदभार संभालने से पहले कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया, जहां एक बड़ी खामी देखकर अधिकारियों में हलचल मच गई। साथ ही गर्मी से जुड़ी समस्याओं पर भी लिया बड़ा फैसला।
बाड़मेर जिले को आखिरकार नई जिला कलेक्टर मिल गई है। आईएएस अधिकारी चिन्मयी गोपाल ने सोमवार को आधिकारिक रूप से बाड़मेर जिला कलेक्टर का पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ कार्यालयी कार्यों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान पर विशेष फोकस करेंगी।
पदभार संभालने से पहले ही IAS चिन्मयी गोपाल ने कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड विभाग (रिकॉर्ड रूम) का जायजा लिया, जहां उन्हें भवन की स्थिति चिंताजनक नजर आई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रिकॉर्ड रूम की छत को कमजोर बताया और कहा कि इस भवन में जल्द सुधार कार्य करवाने की आवश्यकता है ताकि महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रह सकें।
कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जिले में बढ़ती गर्मी और उससे जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया है। इसी को देखते हुए उन्होंने PMO, PHED और CMHO अधिकारियों की बैठक बुलाई है, ताकि पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और गर्मी से होने वाली परेशानियों को लेकर ठोस रणनीति बनाई जा सके।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में नगर पालिका और नगर परिषद के कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी। जिले में किस स्तर पर कौन-सी समस्याएं हैं, इसका आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू किए जाएंगे।
कलेक्टर ने कहा, "मेरी हमेशा कोशिश रहती है कि ग्राउंड लेवल पर लोगों को जो समस्याएं आ रही हैं, उन्हें चिन्हित किया जाए और उनका जल्द समाधान किया जाए। अभी मैंने प्राथमिक स्तर पर निरीक्षण किया है और रिकॉर्ड रूम की बिल्डिंग में काम की जरूरत महसूस हुई है। उसे जल्द ठीक कराया जाएगा। बाकी कलेक्ट्रेट भवन की स्थिति ठीक है।"
पश्चिम बंगाल चुनाव के कारण देर से संभाला पदभार
दरअसल, IAS चिन्मयी गोपाल को पहले ही बाड़मेर जिला कलेक्टर बनाया गया था, लेकिन वे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ऑब्जर्वर की जिम्मेदारी निभा रही थीं। इसी कारण वे तय समय पर पदभार ग्रहण नहीं कर सकीं। पश्चिम बंगाल चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे रविवार को बाड़मेर पहुंचीं और सोमवार को औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान पदभार ग्रहण समारोह में सीईओ रवि कुमार, एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। नई कलेक्टर के पदभार संभालते ही प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि जिले में अब विकास कार्यों और आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर तेजी देखने को मिल सकती है।