कोटा के 8 लाइन हाईवे पर भीषण सड़क हादसा: दिल्ली-इंदौर जा रही स्लीपर बस दुर्घटनाग्रस्त, 2 की मौत, 12 यात्री घायल
कोटा के 8 लाइन हाईवे पर दिल्ली से इंदौर जा रही कल्पना ट्रेवल्स की स्लीपर बस तड़के 4:30 बजे अज्ञात वाहन से टकराई। हादसे में दोनों ड्राइवर गिर्राज रेबारी (40) और श्याम सुंदर सेन की मौके पर मौत हो गई। बस में सवार 42 यात्रियों में से 12 गंभीर रूप से घायल, सभी को MBS अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कोटा। राजस्थान के कोटा जिले में शुक्रवार तड़के करीब 4:30 बजे एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। दिल्ली से इंदौर जा रही कल्पना ट्रेवल्स की एक प्राइवेट डबल-डेकर स्लीपर बस, कोटा के 8 लाइन हाईवे (NH-52) पर एक अज्ञात वाहन के पीछे जोरदार टक्कर मारकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में बस के दोनों ड्राइवरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतक और घायल मृतकों में बस का मुख्य ड्राइवर गिर्राज रेबारी (उम्र 40 वर्ष) और दूसरा ड्राइवर श्याम सुंदर सेन शामिल हैं।हादसे के बाद एक ड्राइवर का शव बस के ड्राइविंग सीट में ही बुरी तरह फंस गया था, जिसे क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया।बस में कुल करीब 42 यात्री सवार थे। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग व हाईवे पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MBS) में भर्ती कराया गया, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे का कारण प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, अंधेरा और संभवतः कोहरा होने के कारण आगे चल रहा एक अज्ञात वाहन अचानक धीमा हुआ या रुका। पीछे से तेज रफ्तार में आ रही स्लीपर बस उसे बचाने की कोशिश में अनियंत्रित हो गई और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ड्राइवरों की सीट कुचल गई।
राहत व बचाव कार्य सूचना मिलते ही कोटा पुलिस, हाईवे पेट्रोलिंग टीम और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को कटर और क्रेन की मदद से बस से बाहर निकाला गया। हाईवे पर कई घंटों तक जाम लगा रहा और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।कोटा में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। विशेषकर रात के समय हाई-स्पीड स्लीपर बसें और ओवरलोडेड मालवाहक वाहनों के कारण ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं। प्रशासन से मांग उठ रही है कि हाईवे पर सख्त निगरानी, स्पीड लिमिट और कोहरे में सावधानी के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं।