बालोतरा में फरार डोडा पोस्त सप्लायर गिरफ्तार: लंबे समय से वांछित इनामी बदमाश पकड़ा गया, पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े राज
बालोतरा जिले में पुलिस ने 'ऑपरेशन विषदमन' के तहत लंबे समय से फरार चल रहे डोडा पोस्त सप्लायर पपुराम उर्फ पदमाराम को गिरफ्तार किया। वह सिणधरी क्षेत्र के ढाबों को अवैध डोडा पोस्त सप्लाई करने का आरोपी था और उस पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी के खिलाफ पहले से भी एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज है। पुलिस सूचना और तकनीकी आधार पर उसे पकड़ने में सफल रही और अब खरीद-फरोख्त के नेटवर्क की पूछताछ जारी है।
बालोतरा (राजस्थान)। बालोतरा जिले की पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन विषदमन' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सिणधरी क्षेत्र में चाय के ढाबों को डोडा पोस्त की सप्लाई करने वाले लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान पपुराम उर्फ पदमाराम, निवासी मीठीबेरी (गुड़ामालानी, जिला बाड़मेर) के रूप में हुई है। वह एक शातिर डोडा पोस्त तस्कर माना जाता है और उसके खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोपी कई महीनों से फरार चल रहा था और उस पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। वर्तमान में पुलिस आरोपी से डोडा पोस्त की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य संभावित साथियों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है। इससे तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।
घटना की शुरुआत: 31 मार्च को ढाबों पर छापेमारी यह पूरा मामला 31 मार्च का है, जब सिणधरी कस्बे में पुलिस ने अवैध डोडा पोस्त की बिक्री और तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान चाय के ढाबों पर छापे मारे गए, जहां से दो ढाबा संचालकों — सांवलाराम और सोनाराम — को मौके से गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से अवैध डोडा पोस्त बरामद हुई थी। सिणधरी थाने में इनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंसेज (एनडीपीएस) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि इन ढाबा संचालकों को डोडा पोस्त की नियमित सप्लाई पपुराम उर्फ पदमाराम कर रहा था। वह क्षेत्र में ढाबों और अन्य स्थानों पर अवैध रूप से यह मादक पदार्थ पहुंचाता था। पुलिस ने तुरंत उसे पकड़ने के लिए टीम गठित की, लेकिन गिरफ्तारी के डर से आरोपी भूमिगत हो गया और फरार हो गया।
इनामी घोषित और लगातार तलाश पपुराम की शातिराना हरकतों को देखते हुए पुलिस ने उसे जल्द पकड़ने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए। जब वह लंबे समय तक नहीं पकड़ा गया, तो पुलिस ने उस पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। इससे तलाश अभियान को और तेज कर दिया गया। पुलिस टीमों ने तकनीकी और मानव खुफिया सूचनाओं का सहारा लेकर उसके ठिकानों पर नजर रखी।
गिरफ्तारी कैसे हुई? अंततः डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) प्रभारी लूणाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विश्वसनीय सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को डिटेन किया। उसे गिरफ्तार करने के बाद सिणधरी थाने लाया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही एक अन्य मामला दर्ज है, जिसमें उसकी आपराधिक भूमिका स्पष्ट थी। अब आगे की जांच में उसके पुराने मामलों को भी जोड़ा जा रहा है। पूछताछ के दौरान आरोपी से डोडा पोस्त कहां से खरीदता था, किसे सप्लाई करता था और उसके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है, इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इससे क्षेत्र में चल रही डोडा पोस्त तस्करी की चेन टूटेगी।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम इस सफल ऑपरेशन में एसआई लूणाराम के अलावा कॉन्स्टेबल लूणाराम, शेभूराम, धर्मेन्द्र कुमार और मुकेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बालोतरा पुलिस अधीक्षक की देखरेख में चल रहे 'ऑपरेशन विषदमन' के तहत जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम कसने के लिए लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां की जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियानों से नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।