दिल्ली होटल अग्निकांड: मालिक का बयान डर के चलते भागा, जलती इमारत के पास से गुजरने के बावजूद नहीं की किसी की मदद

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत के बाद गिरफ्तार मालिक लवकेश बजाज ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है।

Jun 4, 2026 - 15:22
दिल्ली होटल अग्निकांड: मालिक का बयान डर के चलते भागा, जलती इमारत के पास से गुजरने के बावजूद नहीं की किसी की मदद

नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश होटल में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार सुबह लगी इस आग में पांच मंजिला इमारत पूरी तरह चपेट में आ गई, जिसमें अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना के बाद पुलिस ने होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिनसे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

मौके से भागने का खुलासा

पुलिस पूछताछ में लवकेश बजाज ने स्वीकार किया कि आग लगने के समय वह अपनी कार से घटनास्थल के पास से गुजर रहा था, लेकिन उसने किसी की मदद करने के बजाय डर के कारण वहां से निकल जाना बेहतर समझा। उसने यह भी बताया कि वह घर नहीं गया और पूरी रात शहर में इधर-उधर घूमता रहा।

प्रबंधन से दूरी का दावा

बजाज ने दावा किया कि वह होटल के रोजमर्रा के संचालन, बिलिंग और अकाउंट्स से सीधे जुड़ा नहीं था। उसके अनुसार, होटल का मैनेजमेंट किसी अन्य व्यक्ति द्वारा संभाला जाता था। उसने यह भी कहा कि होटल में किए गए कई बदलाव और कमरे बढ़ाने जैसे काम भी बाहरी सलाह पर किए गए थे।

आग कैसे बनी मौत का कारण

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सुबह करीब 8:30 बजे लगी और कुछ ही मिनटों में पूरे भवन में धुआं फैल गया। खिड़कियां बंद थीं, वेंटिलेशन की कमी थी और इमारत का केवल एक ही निकास मार्ग था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके।

इमारत में फायर सेफ्टी सिस्टम जैसे स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर भी काम नहीं कर रहे थे। इसके अलावा अवैध रूप से 6 कमरों की जगह 25 कमरे बनाए गए थे, जिससे हालात और भी भयावह हो गए।

रेस्क्यू और बचाव अभियान

दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कुल 58 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से 35 लोग घायल हैं, जबकि कई की हालत गंभीर बनी हुई है। कुछ लोगों को खिड़कियां तोड़कर और ग्रिल काटकर बाहर निकाला गया।

स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू में मदद की, कई लोगों को सीपीआर भी दिया गया। हालांकि तेज धुएं और आग की तीव्रता के कारण कई लोगों को बचाया नहीं जा सका।

जांच में तेजी

दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच के लिए 10 टीमें बनाई हैं, जिनमें 5 टीमें फरार मैनेजर जय मिश्रा की तलाश कर रही हैं। फॉरेंसिक टीम को मौके से कई इलेक्ट्रिक उपकरण और कुकिंग से जुड़े सामान मिले हैं।

मुआवजा और सरकारी कार्रवाई

दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

दर्दनाक तस्वीरें और चश्मदीद बयान

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई लोग खिड़कियों से लटककर मदद की गुहार लगा रहे थे। स्थानीय लोगों ने गद्दे और कंबल सड़क पर बिछाकर कई लोगों की जान बचाई। कुछ लोग सीपीआर देकर लोगों को बचाने की कोशिश करते दिखे।

दिल्ली का यह अग्निकांड एक बार फिर राजधानी की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच अभी जारी है और पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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