उदयपुर में ACB का बड़ा एक्शन: 5KM पैदल चलकर रिश्वत लेते कॉन्स्टेबल को पकड़ा, 8 लाख की डील का खुलासा

उदयपुर के साड़ीफलां गांव में ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 किलोमीटर पैदल चलकर कॉन्स्टेबल को 8 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह यह रकम SHO के कहने पर ले रहा था, जिसके बाद एसीबी ने थानाधिकारी को भी गिरफ्तार कर लिया।

Mar 23, 2026 - 15:44
उदयपुर में ACB का बड़ा एक्शन: 5KM पैदल चलकर रिश्वत लेते कॉन्स्टेबल को पकड़ा, 8 लाख की डील का खुलासा

उदयपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। रिश्वत लेने के आरोपी कॉन्स्टेबल और थानाधिकारी को पकड़ने के लिए ACB टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। घने जंगलों और पहाड़ी इलाके में करीब 5 किलोमीटर पैदल चलने के बाद टीम ने चार घंटे तक बिना पानी के इंतजार किया और आखिरकार कॉन्स्टेबल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।यह कार्रवाई 22 मार्च को उदयपुर शहर से करीब 105 किलोमीटर दूर आदिवासी बहुल साड़ीफलां गांव में की गई। यहां कॉन्स्टेबल भालाराम पटेल रिश्वत की रकम लेने पहुंचा था, जहां पहले से घात लगाए बैठी ACB टीम ने उसे पकड़ लिया।

शिकायत से शुरू हुआ पूरा ऑपरेशन

मामला 20 मार्च का है, जब मांडवा थाना पुलिस ने साड़ीफलां निवासी मनिया गमेती और नदीफला निवासी नाथू गमेती के घर दबिश दी थी। इस दौरान डोडा-चूरा बरामद किया गया था, जबकि आरोपी फरार हो गए थे।आरोप है कि मांडवा के थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री ने आरोपियों के परिजनों को NDPS एक्ट में फंसाने की धमकी दी और उनसे 5-5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। परिजनों ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो पुलिसकर्मियों ने कथित रूप से 7500 रुपए के साथ एक बकरा और मुर्गे भी उठा लिए।बाद में सौदा 8 लाख रुपए में तय हुआ और 22 मार्च को रिश्वत लेने की बात पक्की हुई।

जंगल-पहाड़ में ACB का ट्रैप

पीड़ित परिवार की शिकायत पर ACB ने पूरा ट्रैप प्लान किया। गांव का इलाका घने जंगल और पहाड़ियों से घिरा हुआ था, जिससे ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हो गया।ACB की 7 सदस्यीय टीम ने अपनी गाड़ी पहाड़ी के पीछे छुपाई और वहां से करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर तय स्थान तक पहुंची। टीम को शक था कि जरा सी भी भनक लगने पर आरोपी भाग सकता है, इसलिए पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय रखी गई।टीम तीन हिस्सों में बंट गई—कुछ सदस्य पीड़ित के घर में छिप गए, जबकि अन्य पहाड़ियों में अलग-अलग जगहों पर निगरानी करने लगे। इस दौरान टीम को करीब 4 घंटे तक भीषण गर्मी में पानी तक नसीब नहीं हुआ।

रिश्वत लेते ही दबोचा गया कॉन्स्टेबल

22 मार्च को कॉन्स्टेबल भालाराम पटेल अकेले बाइक पर साड़ीफलां गांव पहुंचा। जैसे ही परिवार ने उसे 8 लाख रुपए दिए, घर के अंदर छिपी ACB टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया।पूछताछ में कॉन्स्टेबल ने बताया कि वह यह रकम थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री के कहने पर लेने आया था।

फोन कॉल से SHO की गिरफ्तारी

ACB टीम कॉन्स्टेबल को मोबाइल नेटवर्क वाले क्षेत्र में लेकर गई। वहां उसके मोबाइल से थानाधिकारी निर्मल खत्री को कॉल करवाया गया। कॉन्स्टेबल ने फोन पर कहा—“साहब, पैसे ले लिए हैं, लेकर आ रहा हूं।” यह बातचीत रिकॉर्ड कर ली गई।इसके बाद ACB टीम ने मांडवा थाने पहुंचकर थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री को भी गिरफ्तार कर लिया।

पूरे ऑपरेशन की चर्चा

ACB इंस्पेक्टर सोनू शेखावत के नेतृत्व में की गई यह कार्रवाई अब चर्चा का विषय बनी हुई है। कठिन परिस्थितियों में की गई इस ट्रैप कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियां सख्ती से काम कर रही हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.