फर्जी पुलिसकर्मी बनकर 7 लाख की ठगी: बेटे को कॉन्स्टेबल और बेटी को टीचर बनाने का झांसा
एक युवक ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से उसके बेटे-बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 7 लाख रुपए ठग लिए। आरोपी ने विश्वास जीतने के लिए पुलिस से जुड़ा सामान तक दिलवाया, लेकिन नौकरी न लगने और पैसे वापस न मिलने पर पीड़िता ने थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
राजस्थान के पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को पुलिस विभाग का कर्मचारी बताकर एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लाखों रुपए ऐंठ लिए। आरोपी ने सरकारी नौकरी दिलाने का लालच देकर महिला को अपने जाल में फंसाया और करीब 7 लाख रुपए की ठगी कर फरार हो गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को बनाया शिकार
सुमेरपुर थाना क्षेत्र के कोलीवाड़ा गांव निवासी 48 वर्षीय कमला पत्नी प्रकाश कुमार ने पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह ग्राम पंचायत कोलीवाड़ा में आंगनबाड़ी साथिन के पद पर कार्यरत हैं। काम के सिलसिले में उनका सुमेरपुर आना-जाना रहता है। करीब चार महीने पहले इसी दौरान उनकी मुलाकात पोमावा निवासी खेताराम उर्फ विक्रम (34) से हुई।
खुद को पुलिसकर्मी बताकर जमाया भरोसा
पहली ही मुलाकात में आरोपी ने खुद को पुलिस विभाग में कार्यरत बताया और अपने ऊंचे संपर्कों का दावा किया। उसने महिला को विश्वास दिलाया कि वह उसके बेटे को पुलिस में कॉन्स्टेबल और बेटी को सरकारी स्कूल में टीचर की नौकरी लगवा सकता है। आरोपी की बातों में आकर महिला ने उस पर भरोसा कर लिया।
तीन किश्तों में वसूले 7 लाख रुपए
आरोपी ने धीरे-धीरे महिला से पैसों की मांग शुरू की। भरोसे में आ चुकी महिला ने अलग-अलग समय पर उसे कुल 7 लाख रुपए दे दिए।
पहली किश्त: बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने 2 लाख रुपए
दूसरी किश्त: 6-7 मार्च को कोलीवाड़ा की एक दुकान से 2 लाख रुपए
तीसरी किश्त: 15 मार्च को पाली बस स्टैंड के पास रामजी मंदिर के नजदीक 3 लाख रुपए
विश्वास बढ़ाने के लिए दिलवाया पुलिस का सामान
महिला का भरोसा पूरी तरह जीतने के लिए आरोपी ने चालाकी से पुलिस से जुड़ा सामान भी दिलवाया। उसने पुलिस के जूते, कैप, बेल्ट, शोल्डर और मोनोग्राम तक उपलब्ध कराए। इतना ही नहीं, वह महिला के बेटे जितेंद्र को शिवगंज की एक टेलर की दुकान पर ले गया, जहां पुलिस वर्दी का नाप भी दिलवाया गया। इस पूरी प्रक्रिया की रसीद भी महिला के पास मौजूद है, जिससे उसका विश्वास और बढ़ गया।
समय बीतने पर खुली ठगी की पोल
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब न तो बच्चों की नौकरी लगी और न ही आरोपी ने पैसे लौटाए, तब महिला को शक हुआ। संपर्क करने पर आरोपी टालमटोल करने लगा और आखिरकार फरार हो गया। तब जाकर महिला को ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस में मामला दर्ज, आरोपी की तलाश जारी
पीड़िता ने 2 मई को सुमेरपुर थाने में मामला दर्ज कराया। थाना प्रभारी सवाई सिंह के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।