भारी बारिश से बिगड़े हालात: नदी में उफान, 6 लोग बहे, एक टापू पर फंसा, युवती की स्कूटी समेत मौत
भारी बारिश और बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नदी उफान पर आई, सात लोग फंसे, छह बह गए, एक टापू पर अटका; रेस्क्यू जारी। जलभराव से कॉलेज में 150 छात्र फंसे, एक युवती की मौत।

राजस्थान के कोटा संभाग में भारी बारिश और कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद चंबल नदी अचानक उफान पर आ गई है। इस प्राकृतिक आपदा ने कोटा और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई है। दीगोद थाना क्षेत्र के निमोद हरि जी के पास चौथ माता मंदिर में सात लोग फंस गए थे, जिनमें से छह लोग नदी के तेज बहाव में बह गए, जबकि एक व्यक्ति नदी के बीच बने टापू पर फंस गया। इसके अलावा, रानपुर और बंधा धर्मपुरा इलाकों में जलभराव के कारण कई लोग फंस गए, जिनमें एक इंजीनियरिंग कॉलेज के 150 छात्र और एक युवती शामिल हैं।
चौथ माता मंदिर में फंसे सात लोग, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
दीगोद थाना क्षेत्र के निमोद हरि जी के पास चौथ माता मंदिर में सात लोग चंबल नदी के तेज बहाव के बीच फंस गए थे। दीगोद थाना अधिकारी पुरुषोत्तम मेहता ने बताया कि दोपहर 2:15 बजे उन्हें सूचना मिली थी कि सात लोग मंदिर में फंसे हैं। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक तीन लोग नदी के तेज बहाव में बह चुके थे। एक व्यक्ति नदी के बीच टापू पर फंसा हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि शेष छह लोग बहाव के साथ आगे निकल गए।
आला पुलिस अधिकारी और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। मेहता ने बताया कि टापू पर फंसे व्यक्ति को बचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, और बाकी लोगों की तलाश जारी है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
रानपुर और बंधा धर्मपुरा में जलभराव, 150 छात्र फंसे
कोटा शहर के रानपुर और बंधा धर्मपुरा इलाकों में भारी बारिश के कारण अचानक जलभराव की स्थिति बन गई। रानपुर में कई शैक्षणिक संस्थानों और फैक्ट्रियों में पानी भर गया। एक इंजीनियरिंग कॉलेज में परीक्षा देने गए करीब 150 छात्र पानी के बीच फंस गए। एसडीआरएफ की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला।
नाले में बही युवती, शव बरामद
इसी दौरान रानपुर में कॉलेज के बाहर बहने वाले बरसाती नाले में एक युवती स्कूटी समेत बह गई। युवती परीक्षा देने के लिए कॉलेज जा रही थी। नगर निगम के सीनियर गोताखोर विष्णु श्रृंगी ने बताया कि डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ और नगर निगम की टीम ने युवती का शव नाले से बरामद किया। इस घटना ने इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी है।
फैक्ट्रियों में फंसे मजदूरों का रेस्क्यू
रानपुर और बंधा धर्मपुरा में जलभराव के कारण कई फैक्ट्रियों में भी पानी भर गया। नगर निगम के गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने फैक्ट्रियों में फंसे दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। विष्णु श्रृंगी ने बताया कि भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने से स्थिति गंभीर हो गई है, और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
कोटा बैराज से पानी की निकासी, प्रशासन अलर्ट
कोटा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। ताजा जानकारी के अनुसार, बैराज के 12 गेट खोलकर करीब 2 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। यह इस सीजन की सबसे बड़ी जल निकासी है। कोटा से धौलपुर और करौली तक के इलाकों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है, और नावों व अन्य साधनों को हटा लिया गया है।
प्रशासन और एसडीआरएफ की सक्रियता
जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। कलेक्टर पीयूष समारिया ने बैराज का दौरा कर जलस्तर और निकासी की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों को समन्वय बनाकर निचली बस्तियों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने कोटा संभाग में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इससे चंबल और इसकी सहायक नदियों जैसे पार्वती और कालीसिंध में जलस्तर और बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है।
इस आपदा ने कोटा और आसपास के इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रशासन और राहत टीमें स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं।