"भाईचारे का काला अध्याय: संपत्ति विवाद में भाई ने भाई की पत्थरों से कुचलकर की हत्या"

भाईचारे का काला अध्याय: पत्थरों से सिर चीरकर हत्या, जंगल में छिपे आरोपी को 3 किमी दूर सर्च में पकड़ा दौसा जिले के बेजुवाड़ा से कस्बे में भाईचारे की मिसाल को कलंकित करने वाला एक दिल दहला देने वाला अपराध सामने आया है। एक भाई ने अपने ही छोटे भाई की क्रूरता से हत्या कर दी, जिसमें पत्थरों का इस्तेमाल कर सिर पर बार-बार प्रहार किया गया। हत्यारोपी ने शव को जंगल में छिपाने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय पुलिस की तत्परता से मात्र तीन किलोमीटर दूर एक सघन सर्च ऑपरेशन में उसे धर दबोचा गया। आरोपी के भागने की योजना भी नाकाम रही क्योंकि उसके पास ट्रांसपोर्ट का किराया तक नहीं था। यह घटना न केवल परिवार को झकझोर रही है, बल्कि समाज में पारिवारिक रिश्तों की नाजुकता पर सवाल खड़े कर रही है। घटना का विवरण: क्रूर हत्या की रात घटना की जड़ें एक पारिवारिक विवाद में निहित बताई जा रही हैं, हालांकि पुलिस अभी गहन पूछताछ में इसका खुलासा कर रही है। मृतक अपने बड़े भाई के साथ रहता था। दोनों के बीच लंबे समय से जमीन और संपत्ति को लेकर तनाव चल रहा था। मंगलवार की देर रात, विवाद इतना भड़क गया कि बड़ा भाई, जिसका नाम प्रेमचंद बैरवा है, गुस्से में छोटे भाई पर हमला बोल बैठा।आरोपी ने पहले तो घरेलू सामान से हमला करने की कोशिश की, लेकिन जब बात बिगड़ गई तो वह बाहर जाकर आसपास के पत्थर इकट्ठा करने लगा। साक्ष्यों के मुताबिक, उसने कम से कम 10-12 पत्थरों से मृतक के सिर पर वार किए, जिससे खोपड़ी बुरी तरह फट गई और मौके पर ही मौत हो गई। यह क्रूरता इतनी भयावह थी कि शव की हालत देखकर स्थानीय लोग सिहर उठे। हत्या के बाद आरोपी ने शव को घर से बाहर निकालकर पास के घने जंगल में घसीटकर छिपा दिया, ताकि अपराध को छिपाया जा सके। लेकिन भाग्य ने साथ न दिया—उसके पास न तो कोई वाहन था और न ही किराए के पैसे, जिस कारण वह शहर से दूर भाग पाने में नाकाम रहा। शव की खोज और पुलिस की सक्रियता अगले दिन सुबह, जब मृतक का कोई अता-पता न रहा, तो परिवार के अन्य सदस्यों और पड़ोसियों ने हड़कंप मचा दिया। स्थानीय थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जो जल्द ही संदिग्ध हत्या में तब्दील हो गई। पुलिस टीम ने तुरंत इलाके में छापेमारी शुरू की। कुत्तों की मदद से स्निफर डॉग्स ने जंगल के एक सुनसान कोने में शव की तलाशी ली, जहां खून के धब्बे और टूटे पत्थरों ने अपराध की पुष्टि कर दी। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य संग्रहित किए, जिसमें आरोपी के कपड़ों पर लगे खून के निशान भी शामिल हैं।पुलिस अधीक्षक के अनुसार, सर्च ऑपरेशन तीन किलोमीटर के दायरे में फैला था। जंगल की झाड़ियों में छिपे आरोपी को ग्रामीणों के सुराग से पकड़ा गया। वह थका-हारा और डरा हुआ था, और पूछताछ में हत्या कबूल कर ली। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी ने रातभर जंगल में बिताया, लेकिन सुबह होते ही भागने की कोशिश की। किराए की कमी ने उसकी योजनाओं पर पानी फेर दिया, वरना वह पड़ोसी जिले में फरार होने वाला था। संदिग्ध कारण और जांच की दिशा पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि हत्या का मुख्य कारण संपत्ति विवाद था, जिसमें दोनों भाइयों के बीच सालों पुरानी कटुता थी। हालांकि, आर्थिक तंगी और शराब का सेवन भी घटना को भड़काने वाले कारक हो सकते हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास साफ है, लेकिन यह उसका पहला ऐसा जघन्य अपराध है। फिलहाल, उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है जो मौत के सटीक कारण की पुष्टि करेगी।

Oct 16, 2025 - 15:44
"भाईचारे का काला अध्याय: संपत्ति विवाद में भाई ने भाई की पत्थरों से कुचलकर की हत्या"
Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.