"मेवाराम जैन की सर्किट हाउस में धमाकेदार वापसी: बाड़मेर में कांग्रेस की सियासी हलचल तेज"

बाड़मेर: पूर्व विधायक मेवाराम जैन सैकड़ों समर्थकों के साथ सर्किट हाउस पहुंचे, राजनीतिक हलचल तेज बाड़मेर, 12 अक्टूबर 2025: राजस्थान के बाड़मेर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस में हाल ही में वापसी करने वाले पूर्व विधायक मेवाराम जैन ने आज सर्किट हाउस पहुंचकर एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें सैकड़ों समर्थक उनके साथ नजर आए। यह घटना बाड़मेर की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत दे रही है, जहां जैन की वापसी को लेकर पहले से ही गुटबाजी और विरोध की आग धधक रही है। स्थानीय कार्यकर्ताओं के मुताबिक, यह बैठक आगामी संगठन सृजन अभियान और जिला स्तर की रणनीति पर केंद्रित थी, लेकिन जैन की मौजूदगी ने इसे और भी चर्चित बना दिया।सुबह करीब 11 बजे पूर्व विधायक मेवाराम जैन अपने वाहन से बाड़मेर शहर के सर्किट हाउस पहुंचे। उनके साथ सैकड़ों समर्थक थे, जिनमें स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा मोर्चा के सदस्य और विभिन्न मंडलों के प्रतिनिधि शामिल थे। समर्थकों ने नारों के साथ जैन का स्वागत किया, जिसमें "मेवाराम जैन जिंदाबाद" और "कांग्रेस जिंदाबाद" प्रमुख थे। सर्किट हाउस के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी। बैठक में जैन ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, "बाड़मेर का विकास हमारा लक्ष्य है। पार्टी में वापसी के बाद हम सभी मुद्दों पर एकजुट होकर काम करेंगे। बिजली, पानी, सड़क और रोजगार के अवसरों पर विशेष ध्यान देंगे।" बैठक लगभग दो घंटे चली, जिसमें जिला कांग्रेस पर्यवेक्षक राजेश तिवारी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक कांग्रेस के "संगठन सृजन अभियान" का हिस्सा थी, जहां गुटबाजी समाप्त करने और आगामी चुनावी तैयारियों पर फोकस किया गया। हालांकि, सर्किट हाउस के बाहर विरोध के स्वर भी सुनाई दिए। कुछ कार्यकर्ताओं ने जैन की वापसी का विरोध जताया, जिससे हल्का तनाव पैदा हो गया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित रखी। यह घटना जैन की कांग्रेस में 20 महीने के निष्कासन के बाद उनकी पहली बड़ी सार्वजनिक उपस्थिति थी, जहां इतनी बड़ी संख्या में समर्थक दिखे। पृष्ठभूमि: मेवाराम जैन की राजनीतिक यात्रामेवाराम जैन बाड़मेर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार (2008, 2013 और 2018) कांग्रेस के विधायक चुने गए। वे जिले के प्रमुख जैन समुदाय के नेता हैं और स्थानीय मुद्दों पर हमेशा मुखर रहे। 2023 विधानसभा चुनाव से पहले एक कथित अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। इसके अलावा, एक महिला ने उन पर तथा अन्य 8-9 लोगों पर गैंगरेप, POCSO और SC/ST एक्ट के तहत आरोप लगाए, जिसकी FIR जोधपुर के राजीव गांधी नगर थाने में दर्ज हुई। लेकिन मार्च 2024 में राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। जुलाई 2024 में POCSO कोर्ट ने FIR को झूठा पाया और नकारात्मक रिपोर्ट स्वीकार कर ली। जैन को क्लीन चिट मिली, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट से बाइज्जत बरी होने का दावा किया। जनवरी 2024 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनके घर पर छापा मारा, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सितंबर 2025 में जैन ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा से मुलाकात के बाद कांग्रेस में वापसी की। उनकी वापसी के ठीक बाद बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर में 200 किमी तक उनके खिलाफ अश्लील पोस्टर लगाए गए, जिनमें कथित वीडियो की तस्वीरें थीं। पुलिस ने 7 लोगों को नामजद किया, लेकिन जैन ने इसे "फर्जीवाड़ा" बताते हुए कहा कि कोर्ट ने सब साफ कर दिया है।राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रियाएं समर्थकों की राय: जैन के करीबी कार्यकर्ता मानते हैं कि उनकी वापसी से कांग्रेस मजबूत होगी। एक समर्थक ने कहा, "मेवाराम भाई ने विकास के लिए बहुत काम किया। सर्किट हाउस जैसी जगहों पर उनकी मौजूदगी से युवा उत्साहित हैं।" विरोध का स्वर: कांग्रेस के एक धड़े ने जैन को "चरित्रहीन" बताते हुए विरोध किया। गांधी जयंती पर एक कार्यक्रम में उनके पहुंचने पर कुछ कार्यकर्ता उठकर चले गए। पार्टी की रणनीति: पर्यवेक्षक राजेश तिवारी ने बैठक से पहले जैन और पूर्व विधायक अमीन खान से मुलाकात की। कहा जा रहा है कि जैन को स्टार प्रचारक बनाया जा सकता है। लेकिन गुटबाजी खत्म करने के लिए और प्रयास जरूरी हैं। संभावित भविष्ययह सर्किट हाउस घटना जैन की लोकप्रियता का आईना है, लेकिन विवादों ने उनकी राह कठिन बना दी है। बाड़मेर में BJP मजबूत है, और कांग्रेस को एकजुटता की जरूरत है। अगर जैन मुद्दों पर फोकस रखेंगे, तो उनकी वापसी पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

Oct 12, 2025 - 17:12
"मेवाराम जैन की सर्किट हाउस में धमाकेदार वापसी: बाड़मेर में कांग्रेस की सियासी हलचल तेज"
Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.