The Ba***ds of Bollywood : समीर वानखेड़े को हाईकोर्ट से झटका, याचिका पर उठे सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट ने समीर वानखेड़े की शाहरुख खान की कंपनी और नेटफ्लिक्स के खिलाफ मानहानि याचिका पर सुनवाई योग्यता पर सवाल उठाया। कोर्ट ने याचिका में संशोधन के लिए समय दिया, क्योंकि मामला मुंबई से जुड़ा है। अगली सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होगी।

Sep 26, 2025 - 13:56
The Ba***ds of Bollywood : समीर वानखेड़े को हाईकोर्ट से झटका, याचिका पर उठे सवाल

बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान द्वारा निर्देशित नेटफ्लिक्स सीरीज 'The Ba***ds of Bollywood ' को लेकर पूर्व एनसीबी जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने वानखेड़े से पूछा कि उनकी याचिका दिल्ली में कैसे सुनवाई लायक है, क्योंकि घटना का कारण मुंबई से जुड़ा है। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने याचिका में संशोधन करने का समय देते हुए अगली सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर की। यह मामला 2021 के आर्यन खान ड्रग केस से जुड़ा है, जहां वानखेड़े जांच अधिकारी थे।

आर्यन खान ड्रग केस और वानखेड़े की विवादास्पद भूमिका

2021 में मुंबई के तट पर कॉर्डेलिया क्रूज पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की छापेमारी के दौरान शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था। इस ऑपरेशन का नेतृत्व समीर वानखेड़े ने किया था, जो तब एनसीबी के जोनल डायरेक्टर थे। आर्यन पर ड्रग्स के साथ साजिश रचने का आरोप लगाया गया, लेकिन 2022 में एनसीबी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी। जांच में पाया गया कि उनके पास कोई ड्रग्स नहीं था और छापेमारी में अनियमितताएं हुईं।

इस मामले में वानखेड़े पर भी कई आरोप लगे। शाहरुख खान से 25 करोड़ रुपये का रिश्वत मांगने का दावा किया गया, जिसके बाद वानखेड़े को उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया।

इसके अलावा, 2022 में वानखेड़े ने शाहरुख की मैनेजर Pooja Dadlani के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था, क्योंकि उन्होंने ट्वीट में वानखेड़े को 'भ्रष्ट' कहा था। यह नया विवाद उसी पुरानी दुश्मनी का हिस्सा लगता है।

'द बा***ड्स ऑफ बॉलीवुड' सीरीज का क्या है कनेक्शन?

आर्यन खान द्वारा सह-लिखित और निर्देशित यह नेटफ्लिक्स सीरीज बॉलीवुड के अंधेरे पक्षों पर व्यंग्य करती है। वानखेड़े का दावा है कि सीरीज में एक किरदार उन्हें ही निशाना बनाता है, जो एनसीबी की छापेमारी को नकारात्मक तरीके से चित्रित करता है। खासतौर पर, एक सीन में किरदार 'सत्यमेव जयते' का नारा लगाने के बाद अश्लील इशारा (मिडिल फिंगर) करता है, जिसे वानखेड़े ने राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला बताया। उनका कहना है कि यह प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 और आईटी एक्ट का उल्लंघन है।

वानखेड़े ने दिल्ली हाईकोर्ट में रेड चिलीज एंटरटेनमेंट (शाहरुख और गौरी खान की कंपनी), नेटफ्लिक्स, एक्स (पूर्व ट्विटर) और गूगल को पक्षकार बनाया है। उन्होंने 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है, जो टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल को दान करने का वादा किया है। याचिका में कहा गया कि सीरीज एंटी-ड्रग एजेंसियों की छवि खराब करती है और जनता का विश्वास कम करती है।

कोर्ट ने क्यों खारिज करने की धमकी दी?

दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस कौरव ने याचिका की मेंटेनेबिलिटी (सुनवाई योग्यता) पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि चूंकि सीरीज का प्रसारण मुंबई से जुड़ा है और कारण मुंबई में ही उत्पन्न हुआ, तो दिल्ली में यह कैसे चलेगी? वानखेड़े के वकील संदीप सेठी ने बचाव में कहा कि सीरीज पूरे देश में, दिल्ली सहित, स्ट्रीम हो रही है और यहां भी मानहानि हुई है। कोर्ट ने सहमति जताई लेकिन स्पष्ट करने को कहा।

अंत में, कोर्ट ने वानखेड़े को याचिका में संशोधन करने का समय दिया। अगली सुनवाई के बाद ही मामला आगे बढ़ेगा। वानखेड़े का पक्ष है कि यह सीरीज उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाई गई है, खासकर जब आर्यन केस अभी बॉम्बे हाईकोर्ट और एनडीपीएस स्पेशल कोर्ट में लंबित है।

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