भारत ने 9वीं बार जीता एशिया कप: तिलक वर्मा की धमाकेदार फिफ्टी, कुलदीप यादव के 4 विकेट ने पाकिस्तान को चटाई धूल
भारत ने एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर 9वीं बार खिताब जीता। तिलक वर्मा की नाबाद 69 रन और कुलदीप यादव के 4 विकेट ने भारत को रोमांचक जीत दिलाई। रिंकू सिंह ने आखिरी चौके के साथ जीत पक्की की।
भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर रिकॉर्ड नौवीं बार खिताब अपने नाम किया। तिलक वर्मा की शानदार 69 रनों की नाबाद पारी और कुलदीप यादव की घातक गेंदबाजी ने भारत को इस रोमांचक मुकाबले में जीत दिलाई। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 19.1 ओवर में 146 रन बनाए, जिसके जवाब में भारत ने 20वें ओवर की चौथी गेंद पर रिंकू सिंह के विजयी चौके के साथ 150 रन बनाकर जीत हासिल की।
कुलदीप की फिरकी ने बिखेरा पाकिस्तानी बल्लेबाजी क्रम
मैच की शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। कुलदीप यादव ने 4 विकेट चटकाकर पाकिस्तान के बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट लिए, जिससे पाकिस्तान की टीम 19.1 ओवर में 146 रनों पर सिमट गई। पाकिस्तान की ओर से साहिबजादा फरहान ने तेज अर्धशतक (40 रन, 44 गेंद) बनाया, लेकिन वह अपनी टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में नाकाम रहे।
भारत की शुरुआत रही खराब, तिलक ने संभाला मोर्चा
147 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले 4 ओवरों में ही भारत ने अपने टॉप-3 बल्लेबाजों को खो दिया। अभिषेक शर्मा (5 रन), शुभमन गिल (12 रन) और कप्तान सूर्यकुमार यादव (1 रन) सस्ते में पवेलियन लौट गए। फहीम अशरफ ने अभिषेक और गिल को आउट किया, जबकि शाहीन शाह अफरीदी ने सूर्यकुमार को सलमान अली आगा के हाथों कैच कराया। तीसरे ओवर में फ्लड लाइट में खराबी के कारण खेल को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। 4 ओवर के बाद भारत का स्कोर 20/3 था।
तिलक-संजू की साझेदारी ने बदला खेल
9वें ओवर में संजू सैमसन को जीवनदान मिला, जब अबरार अहमद की गेंद पर हुसैन तलत कैच लपकने में नाकाम रहे। तिलक वर्मा और संजू सैमसन ने चौथे विकेट के लिए 57 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने भारत को मुश्किल स्थिति से उबारा। 12वें ओवर में तिलक और संजू ने फिफ्टी पार्टनरशिप पूरी की। हालांकि, 13वें ओवर में अबरार अहमद ने संजू सैमसन (24 रन, 21 गेंद) को साहिबजादा फरहान के हाथों कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा।
तिलक की फिफ्टी और शिवम दुबे का साथ
15वें ओवर में तिलक वर्मा ने हारिस रऊफ की गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाकर भारत के स्कोर को 100 के पार पहुंचाया। इस ओवर से 17 रन आए। 16वें ओवर में तिलक ने अबरार अहमद की आखिरी गेंद पर एक रन लेकर अपने करियर का पहला एशिया कप अर्धशतक (41 गेंद) पूरा किया। 18वें ओवर में तिलक और शिवम दुबे ने 13 रन जोड़े, जिसमें हारिस रऊफ की आखिरी गेंद पर दुबे का शानदार छक्का शामिल था।
14वें ओवर में तिलक वर्मा रनआउट होने से बाल-बाल बचे, जब सईम की गेंद पर शिवम दुबे के बल्ले का बाहरी किनारा लेकर गेंद शॉर्ट थर्ड मैन की ओर गई। तिलक आधी पिच तक दौड़ चुके थे, लेकिन विकेटकीपर हारिस रऊफ के ढीले थ्रो ने उन्हें बचा लिया।
शिवम दुबे का योगदान और अंतिम क्षणों में रोमांच
शिवम दुबे ने तिलक का शानदार साथ निभाते हुए 22 गेंदों पर 33 रन बनाए, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था। 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर फहीम अशरफ ने उन्हें शाहीन शाह अफरीदी के हाथों कैच आउट कराया। इस समय भारत को 12 गेंदों में 17 रनों की जरूरत थी। तिलक वर्मा ने नाबाद 69 रनों की पारी खेली, जिसमें 53 गेंदों का सामना किया।
20वें ओवर की चौथी गेंद पर रिंकू सिंह ने शानदार चौका लगाकर भारत को 5 विकेट से जीत दिला दी। इस जीत ने स्टेडियम में मौजूद भारतीय प्रशंसकों को उत्साह से भर दिया।
तिलक वर्मा बने जीत के हीरो
तिलक वर्मा की 69 रनों की नाबाद पारी भारत की जीत की नींव रही। उन्होंने संजू सैमसन (57 रन) और शिवम दुबे (60 रन) के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां की, जिसने भारत को मुश्किल स्थिति से निकालकर जीत तक पहुंचाया। तिलक की इस पारी को क्रिकेट पंडितों ने उनकी परिपक्वता और दबाव में शानदार प्रदर्शन का उदाहरण बताया।
भारत की तीसरी लगातार जीत, रिकॉर्ड नौवां खिताब
यह एशिया कप 2025 में भारत की पाकिस्तान पर तीसरी जीत थी। इससे पहले भारत ने ग्रुप स्टेज में 7 विकेट और सुपर-4 में 6 विकेट से पाकिस्तान को हराया था। इस जीत के साथ भारत ने नौवीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया, जो एक रिकॉर्ड है।
एशिया कप 2025 का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच एक रोमांचक मुकाबला रहा। कुलदीप यादव की शानदार गेंदबाजी, तिलक वर्मा की धमाकेदार बल्लेबाजी और रिंकू सिंह के विजयी चौके ने भारत को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एक बार फिर चैंपियन बनाया। यह जीत भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए गर्व का क्षण है।