"जैसलमेर में सेना की जिप्सी पलटी: मेजर की दर्दनाक मौत, महिला अधिकारी समेत चार जवान घायल"

जैसलमेर: सेना की गाड़ी हादसे का शिकार, मेजर की दर्दनाक मौत; महिला अफसर समेत चार जवान घायल राजस्थान के जैसलमेर जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें भारतीय सेना की एक जिप्सी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हृदयविदारक घटना में एक मेजर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला अधिकारी सहित चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के दौरान ड्राइवर के कान में भी चोट लगने से खून बहने लगा, जिसके बाद उसका इलाज किया गया। सेना के जवान लोंगेवाला क्षेत्र की ओर जा रहे थे, जो सीमा पर एक महत्वपूर्ण स्थल है। यह दुर्घटना स्थानीय सैन्य इकाई के लिए बड़ा झटका साबित हुई है। हादसे का विवरण घटना जैसलमेर शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर एक सुनसान सड़क पर रविवार शाम 5 बजे घटी। सेना की सफेद रंग की महिंद्रा जिप्सी, जिसमें कुल छह जवान सवार थे, अचानक स्पीड खो बैठी और सड़क किनारे गहरी खाई में पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी की रफ्तार तेज होने के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे वाहन कई बार उछलता हुआ पलटा। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सेना की त्वरित प्रतिक्रिया टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत जैसलमेर के सैन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।मृतक मेजर की पहचान मेजर टीसी भारद्वाज के रूप में हुई है। वे 33 वर्षीय अनुभवी अधिकारी थे, जो अपनी इकाई के साथ रूटीन पैट्रोलिंग के लिए लोंगेवाला की ओर रवाना हुए थे। लोंगेवाला, जो 1971 के भारत-पाक युद्ध की ऐतिहासिक साइट के रूप में जाना जाता है, सेना के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। इस यात्रा का उद्देश्य सीमा सुरक्षा संबंधी निरीक्षण था। घायलों की स्थिति हादसे में घायल चार जवानों में एक महिला मेजर शामिल हैं, जिनकी पहचान मेजर प्राची शुक्ला के रूप में बताई जा रही है। वे सिर और पैर में चोटें झेल रही हैं, लेकिन खतरे से बाहर हैं। अन्य घायलों में दो सिपाही और ड्राइवर शामिल हैं। ड्राइवर, सिपाही नसीरुद्दीन, को सबसे ज्यादा चोट आई – उनकी गर्दन पर गहरी खरोंच और बाएं कान से खून बहने लगा, जिसके कारण डॉक्टरों ने तत्काल पट्टी बांधी। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती रखा गया है, और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। सेना ने परिवारों को सूचित कर दिया है, और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनका ख्याल रख रही है। संभावित कारण और जांच प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और सड़क की खराब स्थिति बताया जा रहा है। जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाकों में सड़कें अक्सर रेत और धूल से प्रभावित रहती हैं, जो वाहनों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होती हैं। सेना ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है, जो घटनास्थल का दौरा कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने भी सहयोग का भरोसा जताया है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित वाहन जांच और ड्राइविंग प्रशिक्षण पर जोर देना जरूरी है।सेना और प्रशासन की प्रतिक्रियासेना के अधिकारियों ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। जैसलमेर के कमांडिंग ऑफिसर ने कहा, "हमारे भाई की शहादत से पूरा परिवार सदमे में है। मेजर भारद्वाज एक समर्पित सैनिक थे, जिनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।" घायलों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, और मृतक के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए घायलों के त्वरित स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।यह हादसा सेना के लिए एक कड़वा सबक है, जो सैन्य अभियानों में सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देता है। जैसलमेर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन हर बार वे सतर्कता की याद दिलाती हैं। सेना ने वाहन चालकों के लिए अतिरिक्त ट्रेनिंग सत्र आयोजित करने की घोषणा की है।

Oct 13, 2025 - 13:14
"जैसलमेर में सेना की जिप्सी पलटी: मेजर की दर्दनाक मौत, महिला अधिकारी समेत चार जवान घायल"
Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.