"बाड़मेर हाईवे हादसा: स्कॉर्पियो में आग से चार युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत नाजुक"

राजस्थान हाईवे पर भयानक हादसा: स्कॉर्पियो में सवार चार युवकों की जलकर दर्दनाक मौत, एक घायल राजस्थान के बाड़मेर सिणधरी हाईवे पर एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। यहां एक महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार चार दोस्तों की एक ट्रेलर से जोरदार टक्कर के बाद लगी आग में भयावह तरीके से जिंदगी खत्म हो गई। घटना इतनी भयानक थी कि वाहन में फंसे युवक आग की लपटों से बच नहीं पाए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में एक अन्य युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इस दुर्घटना के कारण हाईवे पर कई घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।यह घटना करीब रात के 1:30 के आस पास घटित हुई है। घटना का विवरण: कैसे हुआ यह भयानक हादसा?यह दुखद हादसा राजस्थान के बाड़मेर जिले के सिणधरी गुड़ामालानी हाईवे पर हुआ। चारों युवक, जो संभवतः दोस्तों का समूह था, स्कॉर्पियो कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे। अचानक सामने आ रहे एक भारी ट्रेलर से उनकी गाड़ी की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कॉर्पियो का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और ईंधन टैंक से आग की चिंगारी निकल पड़ी। कुछ ही पलों में पूरी कार धधकने लगी, जो तेजी से फैलती चली गई।आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कार के अंदर फंसे चारों युवकों को बाहर निकालना असंभव साबित हुआ। राहगीरों और अन्य वाहनों के चालकों ने तुरंत सहायता के लिए चिल्लाना शुरू किया, लेकिन आग बुझाने के प्रयास नाकाफी साबित हुए। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने के लिए पानी और मिट्टी का इस्तेमाल किया, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दृश्य बेहद मार्मिक था—कार के अंदर से धुंएं उड़ रही थीं और मदद की पुकारें गूंज रही थीं, लेकिन कोई कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं था।इस हादसे में एक युवक किसी तरह कार से बाहर कूदने में सफल रहा, लेकिन वह भी गंभीर रूप से झुलस गया। उसके शरीर पर गंभीर जलन के निशान हैं और वेंटिलेटर पर जीवन रक्षा के लिए जूझ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और अगले कुछ घंटों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। मृतकों के शवों को आग बुझने के बाद बाहर निकाला गया, जो बुरी तरह जले हुए थे। इनकी पहचान मोहनसिंह पुत्र धुंडसिंह, शंभूसिंह पुत्र दीपसिंह, पांचाराम पुत्र लुंबाराम और प्रकाश पुत्र सांपारम के रूप में की गई और परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य होने की जानकारी मिल रही है। बचाव कार्य और प्रशासन की प्रतिक्रिया हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। फायरफाइटर्स ने करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। पुलिस ने तुरंत ट्रेलर चालक को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ट्रेलर की तेज रफ्तार और स्कॉर्पियो के ड्राइवर की लापरवाही दोनों ही कारण हो सकते हैं। हालांकि, विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। पुलिस ने मृतकों के परिवारों को तत्काल सहायता और मुआवजे का आश्वासन दिया है।इस घटना ने सड़क सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईवे पर ओवरलोडेड ट्रेलरों की समस्या और रात के समय की ड्राइविंग में सावधानी की कमी ऐसी दुर्घटनाओं को जन्म दे रही है। राज्य सरकार ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। यातायात पर प्रभाव: घंटों लंबा जामदुर्घटना स्थल पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे 2 किमी तक ट्रैफिक जाम हो गया। राहत कार्यों के दौरान सड़क को पूरी तरह बंद करना पड़ा, जिसका असर आसपास के जिलों तक पहुंचा। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, और कई लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा। सुबह होते ही ट्रैफिक पुलिस ने जाम खोलने के प्रयास तेज कर दिए, इस जाम ने स्कूलों, कार्यालयों और व्यापारिक गतिविधियों को भी प्रभावित किया।परिवारों का दर्द और समाज की प्रतिक्रियामृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक परिवार ने बताया कि उनका बेटा शादी की तैयारियों में व्यस्त था, जबकि दूसरे परिवार में वह इकलौता सहारा था। सोशल मीडिया पर इस हादसे को लेकर लोगों ने शोक व्यक्त किया है और सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है। विभिन्न संगठनों ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

Oct 16, 2025 - 12:32
"बाड़मेर हाईवे हादसा: स्कॉर्पियो में आग से चार युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत नाजुक"
Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.