राज्यसभा चुनाव 2026 का ऐलान 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान, उसी दिन आएंगे नतीजे

राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव आयोग ने कार्यक्रम घोषित कर दिया है। देश के 10 राज्यों की कुल 37 सीटों पर 16 मार्च 2026 को मतदान होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। ये सीटें अप्रैल 2026 में सदस्यों के रिटायर होने से खाली हो रही हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 7 सीटों पर चुनाव होगा, जहां कड़ा राजनीतिक मुकाबला होने की संभावना है। कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल भी इस दौरान समाप्त हो रहा है।

Feb 18, 2026 - 11:13
राज्यसभा चुनाव 2026 का ऐलान 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान, उसी दिन आएंगे नतीजे

भारत में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होंगे। ये सभी सीटें अप्रैल 2026 में मौजूदा सदस्यों के कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो रही हैं।

राज्यसभा के इन चुनावों को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, क्योंकि कई बड़े और वरिष्ठ नेता इस दौरान रिटायर हो रहे हैं और कुछ सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

कब होगा मतदान और कब आएगा रिजल्ट

चुनाव आयोग के अनुसार पूरा कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

नोटिफिकेशन जारी – 26 फरवरी 2026

नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि – 5 मार्च 2026

नामांकन पत्रों की जांच – 6 मार्च 2026

नाम वापसी की अंतिम तिथि – 10 मार्च 2026

मतदान (Voting) – 16 मार्च 2026

मतगणना व परिणाम – 16 मार्च 2026 (उसी दिन)

राज्यसभा चुनाव में मतदान संबंधित राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक करते हैं और परिणाम भी मतदान के दिन ही घोषित कर दिए जाते हैं।

किन राज्यों की कितनी सीटों पर चुनाव

इस बार 10 राज्यों से कुल 37 सीटें खाली हो रही हैं। राज्यवार स्थिति इस प्रकार है:

महाराष्ट्र – 7 सीटें

तमिलनाडु – 6 सीटें

बिहार – 6 सीटें

पश्चिम बंगाल – 5 सीटें

ओडिशा – 4 सीटें

असम – 3 सीटें

तेलंगाना – 2 सीटें

छत्तीसगढ़ – 2 सीटें

हरियाणा – 2 सीटें

हिमाचल प्रदेश – 1 सीट

ये सभी सीटें अप्रैल में सदस्यों के सेवानिवृत्त होने के कारण रिक्त होंगी।

राज्यसभा चुनाव क्यों होते हैं

राज्यसभा (उच्च सदन) में कुल 245 सदस्य होते हैं, जिनमें से 233 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से निर्वाचित होते हैं, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति नामित करते हैं।

राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है और हर दो साल में लगभग एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं, इसलिए नियमित अंतराल पर चुनाव कराए जाते हैं।

महाराष्ट्र पर सबसे ज्यादा नजर

इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा महाराष्ट्र की 7 सीटों को लेकर है। यहां विधानसभा में कुल 288 विधायक हैं और एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए लगभग 37 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए यहां मुकाबला दिलचस्प रहने की संभावना है।

महाराष्ट्र से कई वरिष्ठ नेता अप्रैल 2026 में रिटायर हो रहे हैं। इनमें अनुभवी नेता शरद पवार का नाम भी प्रमुख रूप से चर्चा में है, जिन्होंने दोबारा चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। इसी वजह से राज्य की सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

राजनीतिक दृष्टि से क्यों अहम हैं ये चुनाव

राज्यसभा में संख्या संतुलन तय करने में इन चुनावों की बड़ी भूमिका रहती है।

केंद्र सरकार के विधेयकों को पारित कराने में उच्च सदन की ताकत महत्वपूर्ण होती है।

कई राज्यों में गठबंधन और क्रॉस वोटिंग की संभावना चुनाव को रोचक बनाती है।

राज्यसभा चुनाव 2026 सिर्फ नियमित प्रक्रिया नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। 10 राज्यों की 37 सीटों पर होने वाले इस चुनाव से संसद के उच्च सदन की राजनीतिक तस्वीर आंशिक रूप से बदल सकती है। अब सभी दल उम्मीदवार चयन और विधायकों के समर्थन जुटाने में सक्रिय हो गए हैं।