पाक सीमा के नजदीक रेगिस्तान में सेना की ताकत का प्रदर्शन, जैसलमेर में गूंजा ‘बैटल एक्स’ युद्धाभ्यास...

राजस्थान के जैसलमेर में पाकिस्तान सीमा के पास भारतीय सेना ने बड़े स्तर पर युद्धाभ्यास किया। ‘बैटल एक्स’ अभ्यास के दौरान टी-90 भीष्म टैंक और के-9 वज्र ऑटोमैटिक तोपों ने सटीक निशानेबाजी और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया। कोणार्क कोर के नेतृत्व में हुए इस अभ्यास में दिन-रात युद्ध जैसी परिस्थितियों में सैनिकों की रणनीति, तालमेल और मारक क्षमता को परखा गया।

Feb 18, 2026 - 12:03
पाक सीमा के नजदीक रेगिस्तान में सेना की ताकत का प्रदर्शन, जैसलमेर में गूंजा ‘बैटल एक्स’ युद्धाभ्यास...

जैसलमेर। राजस्थान के पश्चिमी रेगिस्तानी क्षेत्र में भारतीय सेना ने अपनी युद्ध क्षमता और आधुनिक सैन्य रणनीति का दमदार प्रदर्शन किया। पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में चल रहे बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान भारी युद्धक टैंकों और अत्याधुनिक तोपों की गर्जना से पूरा इलाका गूंज उठा। अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में सैनिकों की तैयारी, तालमेल और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना रहा।

यह युद्धाभ्यास जैसलमेर के रेतीले मैदानों में आयोजित किया जा रहा है, जहां कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सेना ने दिन और रात दोनों समय ऑपरेशन चलाकर अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया।

आधुनिक हथियारों के साथ संयुक्त युद्ध अभ्यास

अभ्यास के दौरान भारतीय सेना की यूनिट्स ने आधुनिक युद्धक टैंक टी-90 ‘भीष्म’ और के-9 ‘वज्र’ स्वचालित तोपों का उपयोग करते हुए सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। तेज गति से लक्ष्य भेदन, त्वरित फायरिंग और समन्वित हमला इस अभ्यास की प्रमुख विशेषता रहे। भारी गोलाबारी के दौरान कई किलोमीटर दूर तक कंपन महसूस किया गया।

कोणार्क कोर की रणनीतिक तैयारी

यह सैन्य अभ्यास सेना की कोणार्क कोर के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसे पश्चिमी सीमा की सुरक्षा में अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभ्यास के दौरान विभिन्न युद्ध परिस्थितियों—जैसे अचानक हमला, जवाबी कार्रवाई और दुश्मन के ठिकानों को तेजी से निष्क्रिय करने—की रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया गया।

बैटल एक्स’ डिवीजन का ताकत प्रदर्शन

अभ्यास में शामिल बैटल एक्स डिवीजन ने एकीकृत युद्ध प्रणाली (Integrated Battle Operations) के तहत टैंक, तोपखाना और पैदल सेना के बीच तालमेल का प्रदर्शन किया। सैनिकों ने काल्पनिक दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमले कर यह दिखाया कि आधुनिक युद्ध में तकनीक और रणनीति का संयोजन कितना महत्वपूर्ण है।

दिन-रात ऑपरेशन से बढ़ी युद्ध तैयारी

सेना के जवानों ने रात के अंधेरे और दिन के खुले रेगिस्तानी वातावरण दोनों में अभ्यास कर वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों का सामना किया। इसका मकसद सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की क्षमता को मजबूत करना है।

सीमा सुरक्षा का स्पष्ट संदेश

इस युद्धाभ्यास को पश्चिमी सीमा पर सेना की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे अभ्यास न केवल सैनिकों की दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि संभावित दुश्मनों को भारत की सैन्य ताकत और तत्परता का स्पष्ट संदेश भी देते हैं।

इस तरह रेगिस्तान की तपती रेत पर हुए इस सैन्य अभ्यास ने एक बार फिर दिखा दिया कि देश की सुरक्षा के लिए सेना हर परिस्थिति में पूरी तरह तैयार है।