JEE मेन्स 2026 में बाड़मेर के छात्र ने रचा इतिहास बिना कोचिंग हासिल की सफलता...

जेईई मेन्स 2026 के घोषित परिणाम में राजस्थान के बाड़मेर जिले के छात्र प्रतीक भगतानी ने 99.38 परसेंटाइल हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद के केवल सेल्फ स्टडी के दम पर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता ने यह साबित किया कि मजबूत संकल्प, अनुशासन और मेहनत से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
February 17, 2026 • 1:19 PM  213
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राजस्थान
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JEE मेन्स 2026 में बाड़मेर के छात्र ने रचा इतिहास बिना कोचिंग हासिल की सफलता...
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17 Feb 2026
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JEE मेन्स 2026 में बाड़मेर के छात्र ने रचा इतिहास बिना कोचिंग हासिल की सफलता...

बाड़मेर (राजस्थान) 17 जनवरी 2026 :- राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन्स 2026 का परिणाम घोषित होने के साथ ही देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की सफलता की कहानियां सामने आने लगी हैं। इसी क्रम में राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर के होनहार छात्र प्रतीक भगतानी ने अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।

जिले के निवासी प्रतीक भगतानी ने परीक्षा में 99.38 परसेंटाइल प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे बाड़मेर जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। खास बात यह रही कि उन्होंने यह सफलता किसी बड़े कोचिंग संस्थान की मदद के बिना, पूरी तरह स्व-अध्ययन (सेल्फ स्टडी) के माध्यम से प्राप्त की।

मेहनत और अनुशासन बना सफलता की कुंजी

प्रतीक ने अपनी तैयारी के दौरान नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और अवधारणाओं की गहरी समझ पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, किताबों और मॉक टेस्ट की सहायता से अपनी तैयारी को मजबूत बनाया। सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

उनके परिवार के अनुसार, प्रतीक शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य distractions से दूरी बनाकर अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रखा। यही अनुशासन उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण बना।

कोचिंग के बिना सफलता ने बदली सोच

आज के समय में जहां प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महंगी कोचिंग को जरूरी माना जाता है, वहीं प्रतीक की उपलब्धि यह साबित करती है कि सही दिशा, मेहनत और लगन हो तो विद्यार्थी स्वयं भी बड़ी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उनकी सफलता उन छात्रों के लिए उम्मीद की किरण है जो संसाधनों की कमी के कारण खुद को पीछे समझते हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा बने प्रतीक

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतीक की उपलब्धि ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है। उन्होंने यह संदेश दिया है कि सफलता का रास्ता केवल बड़े शहरों या महंगे संस्थानों से होकर नहीं गुजरता, बल्कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

प्रतीक भगतानी की इस उपलब्धि पर परिवार, मित्रों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता ने पूरे क्षेत्र में उत्साह पैदा किया है और अब कई युवा उन्हें अपना रोल मॉडल मान रहे हैं।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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