रोहिताश बिश्नोई ने रचा इतिहास: माउंट एल्ब्रस की चोटी पर बिना ऑक्सीजन के 24 घंटे बिताकर विश्व रिकॉर्ड बनाया

भारतीय पर्वतारोही रोहिताश बिश्नोई (रोहतास खिलेरी) ने यूरोप की सबसे ऊँची चोटी माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर) पर बिना किसी ऑक्सीजन सपोर्ट के लगातार 24 घंटे बिताकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह दुनिया का पहला ऐसा मामला है, जिसमें उन्होंने चरम ठंड, तेज हवाओं और सफेद बर्फीली स्थिति का सामना करते हुए भारतीय तिरंगा और बिश्नोई ध्वजा फहराया। 8 साल की मेहनत के बाद यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने बिश्नोई समाज, हरियाणा, राजस्थान और पूरे भारत का नाम रोशन किया। यह साहस और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।

Jan 22, 2026 - 11:06
रोहिताश बिश्नोई ने रचा इतिहास: माउंट एल्ब्रस की चोटी पर बिना ऑक्सीजन के 24 घंटे बिताकर विश्व रिकॉर्ड बनाया

भारत के साहसी पर्वतारोही रोहिताश बिश्नोई (जिन्हें रोहतास खिलेरी बिश्नोई के नाम से भी जाना जाता है) ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने यूरोप की सबसे ऊँची चोटी माउंट एल्ब्रस (ऊँचाई लगभग 5,642 मीटर या 18,510 फीट) पर बिना किसी ऑक्सीजन सपोर्ट के लगातार 24 घंटे बिताकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह कारनामा इसलिए भी खास है क्योंकि वे दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं जिन्होंने इस चोटी पर इतने लंबे समय तक बिना अतिरिक्त ऑक्सीजन के रहकर मानव सहनशक्ति की नई मिसाल कायम की।

यह उपलब्धि रोहिताश के 8 साल के कठिन परिश्रम, दर्द, इंतजार और अटूट संकल्प का नतीजा है। माउंट एल्ब्रस पर चरम ठंड, तेज हवाएँ और सफेद बर्फीली स्थिति (whiteout conditions) जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अकेले यह साहसिक कार्य पूरा किया। चोटी पर भारतीय तिरंगे को फहराकर उन्होंने न केवल राष्ट्रप्रेम दिखाया, बल्कि बिश्नोई समाज की ध्वजा भी लहराई, जो उनकी जड़ों से जुड़ाव को दर्शाता है।

रोहिताश बिश्नोई हरियाणा के हिसार जिले के छोटे से गाँव मलापुर (आदमपुर के पास) के निवासी हैं। वे पहले भी कई बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर चुके हैं, जैसे:माउंट एवरेस्ट (2018) पर चढ़ाई,माउंट किलिमंजारो पर दो बार चढ़ाई,माउंट एल्ब्रस पर पहले भी कई बार (गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में) चढ़ाई, जिसमें वे पहले भारतीय बने जो सर्दियों में इस चोटी पर पहुँचे। इस बार की यह विशेष उपलब्धि बिश्नोई समाज के लिए विशेष गौरव की बात है, क्योंकि रोहिताश ऐसे पहले बिश्नोई हैं जिन्होंने यह रिकॉर्ड बनाया। उनके इस साहस ने पूरे राजस्थान, हरियाणा और भारत को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जो दिखाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.